शशि थरूर को विदेश मंत्री बनना है: मणिशंकर अय्यर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने शशि थरूर, पवन खेड़ा और जयराम रमेश पर तीखे हमले किए

शशि थरूर

शशि थरूर
अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए चर्चित कांग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अय्यर ने शशि थरूर, पवन खेड़ा और जयराम रमेश जैसे कद्दावर नेताओं पर निशाना साधते हुए पार्टी के भीतर चल रहे गहरे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस के नेता आपस में एक-दूसरे से इतनी नफरत करते हैं, जितनी वे कम्युनिस्टों से भी नहीं करते। इस आंतरिक गुटबाजी का हवाला देते हुए मणिशंकर अय्यर ने भविष्यवाणी की है कि कांग्रेस आगामी केरल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाएगी। उनके इस बयान ने न केवल केरल बल्कि पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
कांग्रेस को कोई और प्रवक्ता नहीं मिला
विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर पर टिप्पणी करते हुए मणिशंकर अय्यर ने उन्हें 'एंटी-पाकिस्तान'करार दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए दावा किया कि थरूर की असल महत्वाकांक्षा देश का अगला विदेश मंत्री बनने की है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को 'कठपुतली' बताते हुए उन्हें एक हताश पूर्व अधिकारी कहा, जो पिछले दो वर्षों से उनके खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग कर रहे हैं। मणिशंकर अय्यर ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर कांग्रेस को पवन खेड़ा के अलावा कोई और प्रवक्ता नहीं मिल रहा, तो पार्टी की स्थिति दयनीय ही रहेगी। वहीं, जयराम रमेश के बारे में उन्होंने कहा कि वे केवल अपनी नौकरी और पद बचाने की जुगत में लगे रहते हैं।
इन तीखे हमलों ने यह साबित कर दिया
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मणिशंकर अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री और वामपंथी नेता पिनाराई विजयन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास जताया कि विजयन ही अगले मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उन्होंने विजयन से आग्रह किया कि पंचायती राज के जो कार्य कांग्रेस ने अधूरे छोड़ दिए थे, उन्हें वे पूरा करें। इस बयान से मचे बवाल के बाद कांग्रेस पार्टी ने खुद को अय्यर के बयानों से अलग कर लिया है। पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में सक्रिय नहीं हैं और ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। हालांकि, अय्यर के इन तीखे हमलों ने यह साबित कर दियाहै कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और मणिशंकर अय्यर पार्टी की कार्यप्रणाली से बेहद असंतुष्ट हैं।