जाने बाराबंकी में क्या बोले CM योगी
रामलला का मंदिर स्थायी रहेगा, सपना देखने वालों का सपना कभी पूरा नहीं होगा

CM योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को बाराबंकी में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कयामत तक नहीं होगा। रामलला का मंदिर वहीं बनाया गया है और वही स्थायी रहेगा।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग पुनर्निर्माण का सपना देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा। CM योगी ने आगे कहा, 'देश में रहना है तो कायदे से रहना सीखना होगा, क्योंकि कानून मानने वाले फायदे में रहेंगे और कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।'
टिकैतनगर के दुल्हदेपुर कुटी में आयोजित 'दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ एवं श्रीरामार्चा पूजन' में शामिल होने पहुंचे CM योगी ने यज्ञ मंडप में आहुति दी। संत बलराम दास ने उन्हें मखाने और लावा की माला पहनाकर स्वागत किया। संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। आज सनातन पर दुनिया भर से प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में सभी को सचेत और सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश वे लोग रच रहे हैं, जिन्हें देश और प्रदेश का विकास अच्छा नहीं लगता।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि 2017 से पहले हालात इतने खराब थे कि पर्व-त्योहार शांति से नहीं मनाए जा सकते थे और हर चौथे दिन शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ता था। लेकिन अब अराजकता समाप्त हो चुकी है और विकास की नई गति दिखाई दे रही है। उन्होंने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में एक करोड़ 16 लाख परिवारों को सालाना पेंशन दी जा रही है, 15 से 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है और पांच करोड़ 46 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाराबंकी को विकास प्राधिकरण देने की बड़ी घोषणा की। साथ ही 79 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिन्हें योगी आदित्यनाथ ने आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में बाराबंकी सहित अयोध्या के संत-महंत, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, श्रावस्ती और बहराइच से भी लोग शामिल हुए।
यह नया बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया है। CM योगी के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दल इसे धार्मिक भावनाओं से खेलने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि भाजपा इसे कानून-व्यवस्था और विकास की मजबूत तस्वीर के रूप में पेश कर रही है।