Giriraj Singh Surat Visit: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सूरत दौरे के दौरान राहुल गांधी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मजदूरों के पलायन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने की जरूरत ज्ञानेश कुमार को नहीं है। वहीं, सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में मजदूरों की साप्ताहिक छुट्टी, 12 घंटे की शिफ्ट, रोजगार और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। गिरिराज सिंह 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक सूरत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उनका फोकस कपड़ा उद्योग की इकाइयों, व्यापारिक संगठनों, निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर है। उनके राजनीतिक बयानों के साथ सूरत के टेक्सटाइल मजदूरों की समस्याएं भी चर्चा में आ गई हैं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों दें। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्थिति वास्तव में गैरकानूनी है, तो राहुल गांधी को खुद लोकसभा से इस्तीफा देना चाहिए और कर्नाटक तथा तेलंगाना की सरकारों के इस्तीफे की भी मांग करनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उनका यह बयान चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया है।
राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप
विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों और ‘दिल्ली चलो’ के आह्वान पर गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी तथा अन्य विपक्षी नेताओं की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है और बांग्लादेश तथा नेपाल जैसे हालात पैदा करना चाहता है। गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनके राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। ये केंद्रीय मंत्री के आरोप हैं; इन्हें विपक्ष की मंशा के स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
सूरत टेक्सटाइल मजदूरों की साप्ताहिक छुट्टी और 12 घंटे की शिफ्ट पर सवाल
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की साप्ताहिक छुट्टी, लंबे कामकाजी घंटे और नौकरी से निकाले जाने के डर जैसे मुद्दे भी केंद्रीय मंत्री के सामने उठाए गए। कुछ श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने और छुट्टी मांगने पर नौकरी जाने की आशंका से जुड़ी शिकायतों का जिक्र किया गया। 12 घंटे की शिफ्ट में काम करने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि मिल मालिक और मजदूर एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उनके मुताबिक, बेहतर औद्योगिक संबंध तब बनते हैं, जब मिल मालिक मजदूर को परिवार का सदस्य समझे और मजदूर भी मिल मालिक को परिवार का हिस्सा माने। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विस्तार से चर्चा करने के बाद वह और जवाब दे सकेंगे। ऐसे में सूरत के कपड़ा उद्योग में साप्ताहिक छुट्टी, काम के घंटे और श्रमिकों की स्थिति से जुड़े सवालों पर आगे की चर्चा महत्वपूर्ण होगी।
मजदूरों के पलायन को गिरिराज सिंह ने बताया ‘नैरेटिव’
सूरत से मजदूरों के पलायन को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने इसे विपक्ष की ओर से बनाया गया ‘नैरेटिव’ बताया। उन्होंने कहा कि ‘पलायन’ शब्द बहुत खतरनाक है और कुछ लोग लगातार ऐसे नैरेटिव बनाने में लगे रहते हैं। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी मजदूर को अपने गांव या गृह राज्य में बेहतर रोजगार मिल रहा है और वह वहां लौटता है, तो इसे पलायन नहीं कहा जाना चाहिए। हालांकि, सूरत में मजदूरों के रोजगार, कामकाजी परिस्थितियों और पलायन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए श्रमिकों के अनुभवों तथा विश्वसनीय आंकड़ों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
टेक्सटाइल उद्योग की सुस्ती और देश की अर्थव्यवस्था पर बयान
सूरत के कपड़ा उद्योग में सुस्ती और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सवालों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। उन्होंने उत्पादों की कीमतों में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह संबंधित मुद्दों की समीक्षा के बाद विस्तृत जवाब देंगे। देश की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की स्थिति बेहतर होने और निर्यात बढ़ने का दावा किया। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने निर्यात से जुड़े आंकड़ों का स्पष्ट आधार और समय-सीमा नहीं बताई। इसलिए इन दावों को समझने के लिए संबंधित आधिकारिक आर्थिक और निर्यात आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।
गिरिराज सिंह के सूरत दौरे का पूरा कार्यक्रम
केंद्रीय कपड़ा मंत्री का 9 से 11 अक्टूबर तक सूरत के टेक्सटाइल उद्योग और व्यापारिक संगठनों से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने का कार्यक्रम है।
- 9 अक्टूबर: सरसाना स्थित SGCCI हॉल में PLI और MMF इंडस्ट्री पर चर्चा, FOSTTA और मिलेनियम टेक्सटाइल मार्केट का दौरा तथा MANTRAI की 50वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में भागीदारी।
- 10 अक्टूबर: होजीवाला इंडस्ट्रियल एरिया, पलसाना स्थित गुजरात इको टेक्सटाइल पार्क, अल्ट्रा डेनिम लिमिटेड और सचिन GIDC की औद्योगिक इकाइयों का दौरा। PM MITRA पार्क को लेकर निवेशकों के साथ बैठक भी निर्धारित है।
- 11 अक्टूबर: सुबह दिल्ली के लिए रवाना होने का कार्यक्रम।
गिरिराज सिंह के सूरत दौरे में राहुल गांधी और ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ टेक्सटाइल मजदूरों की साप्ताहिक छुट्टी, काम के घंटे, रोजगार और उद्योग में निवेश जैसे मुद्दे भी अहम हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि श्रमिकों की समस्याओं और कपड़ा उद्योग से जुड़े सवालों पर चर्चा के बाद क्या ठोस कदम सामने आते हैं।