Migraine Symptoms in Hindi: क्या आपके सिर में बार-बार तेज दर्द होता है? क्या रोशनी देखते ही परेशानी बढ़ जाती है या सिरदर्द के साथ जी मिचलाने लगता है? इन संकेतों को सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज न करें। हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता, लेकिन दर्द की प्रकृति, उसकी तीव्रता और साथ दिखाई देने वाले लक्षणों से दोनों के बीच अंतर समझने में मदद मिल सकती है। जानिए माइग्रेन के 5 प्रमुख लक्षण, सामान्य सिरदर्द से इसका अंतर और किन संकेतों में तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में क्या अंतर है?
सिरदर्द एक आम समस्या है, जो तनाव, नींद की कमी, पानी की कमी या लंबे समय तक स्क्रीन देखने जैसी वजहों से हो सकती है। वहीं, माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें सिरदर्द के साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। सामान्य टेंशन-टाइप सिरदर्द में अक्सर सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव महसूस होता है। इसके विपरीत, माइग्रेन में दर्द धड़कन जैसा हो सकता है और शारीरिक गतिविधि से बढ़ सकता है। हालांकि, माइग्रेन में दर्द हमेशा सिर के एक ही तरफ हो, यह जरूरी नहीं है।
माइग्रेन के 5 प्रमुख लक्षण, जिन्हें पहचानना जरूरी है
1. सिर में धड़कन जैसा तेज दर्द
माइग्रेन में सिरदर्द हल्का या गंभीर हो सकता है। कई लोगों को धड़कन जैसा दर्द महसूस होता है, जो सिर के एक तरफ ज्यादा हो सकता है। सामान्य टेंशन सिरदर्द में अक्सर दबाव या जकड़न जैसा एहसास होता है।
2. जी मिचलाना और उल्टी होना
माइग्रेन के दौरान जी मिचलाना या उल्टी हो सकती है। यह लक्षण सामान्य टेंशन सिरदर्द की तुलना में माइग्रेन में अधिक आम है। यदि सिरदर्द के साथ बार-बार उल्टी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
3. तेज रोशनी और आवाज से परेशानी
माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी, मोबाइल स्क्रीन या शोर असहनीय लग सकते हैं। कुछ लोगों को अंधेरे और शांत कमरे में आराम करने से राहत महसूस होती है।
4. चलने-फिरने या शारीरिक गतिविधि से दर्द बढ़ना
सीढ़ियां चढ़ने, तेजी से चलने या रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियों से माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है। इसके कारण काम करना, पढ़ना या यात्रा करना मुश्किल हो सकता है।
5. देखने में बदलाव या झुनझुनी महसूस होना
कुछ लोगों को माइग्रेन से पहले या उसके दौरान आंखों के सामने चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं या देखने में अस्थायी परेशानी हो सकती है। हाथों या चेहरे में झुनझुनी भी महसूस हो सकती है। इन लक्षणों को ऑरा कहा जाता है। हालांकि, पहली बार अचानक ऐसे लक्षण दिखने पर इसे केवल माइग्रेन मानना सही नहीं है।
सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन: 5 बड़े अंतर
पहचान
सामान्य टेंशन सिरदर्द
माइग्रेन
दर्द का प्रकार
दबाव या कसाव जैसा
अक्सर धड़कन या टीस जैसा
दर्द की जगह
आमतौर पर सिर के दोनों तरफ
एक या दोनों तरफ
रोशनी और आवाज
आमतौर पर कम परेशानी
संवेदनशीलता अधिक हो सकती है
जी मिचलाना
आमतौर पर नहीं
हो सकता है
रोजमर्रा के काम
परेशानी हो सकती है
कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है
ये अंतर सामान्य संकेत हैं, पक्के निदान का विकल्प नहीं। हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं।
माइग्रेन का दर्द कितनी देर रहता है?
वयस्कों में माइग्रेन का एक सामान्य अटैक आमतौर पर 4 से 72 घंटे तक रह सकता है, यदि उसका प्रभावी इलाज न किया जाए। दर्द की अवधि और तीव्रता व्यक्ति के अनुसार बदल सकती है। अगर सिरदर्द बार-बार होता है, लंबे समय तक बना रहता है या आपकी नींद, काम और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
माइग्रेन विद ऑरा और विदाउट ऑरा क्या है?
माइग्रेन मुख्य रूप से ऑरा के साथ या ऑरा के बिना हो सकता है।
ऑरा के बिना माइग्रेन: इसमें सिरदर्द के साथ जी मिचलाना, उल्टी और रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है।
ऑरा के साथ माइग्रेन: इसमें सिरदर्द से पहले या उसके दौरान देखने में बदलाव, चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं या झुनझुनी जैसे अस्थायी न्यूरोलॉजिकल लक्षण हो सकते हैं। ऑरा के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे विकसित होते हैं और सामान्यतः 5 से 60 मिनट तक रहते हैं।
यदि पहली बार अचानक देखने में परेशानी, बोलने में कठिनाई या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें। ये स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति के संकेत भी हो सकते हैं।
बार-बार सिरदर्द हो तो क्या करें?
माइग्रेन के हमलों को नियंत्रित करने और सिरदर्द के संभावित कारण पहचानने में कुछ आदतें मदद कर सकती हैं:
-
रोजाना पर्याप्त और नियमित नींद लें।
-
समय पर भोजन करें और पर्याप्त पानी पिएं।
-
तनाव कम करने के लिए आराम, व्यायाम या अन्य उपयुक्त तरीके अपनाएं।
-
ध्यान दें कि किन परिस्थितियों में सिरदर्द शुरू होता है।
-
सिरदर्द कब शुरू हुआ, कितनी देर रहा और उसके साथ कौन से लक्षण थे, इसका रिकॉर्ड रखें।
-
डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार दर्द निवारक दवाएं न लें, क्योंकि इनके अधिक इस्तेमाल से सिरदर्द और बढ़ सकता है।
ये आदतें इलाज का विकल्प नहीं हैं। बार-बार होने वाले सिरदर्द के लिए डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार जांच और उपचार सुझा सकते हैं।
सिरदर्द होने पर तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
यदि सिरदर्द अचानक शुरू हो और बेहद तेज हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें। खासकर अगर इसके साथ निम्न संकेत हों:
-
बोलने में कठिनाई या भ्रम की स्थिति
-
शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
-
अचानक दिखाई देना कम होना या नजर में बदलाव
-
बुखार के साथ गर्दन में अकड़न
-
बेहोशी या दौरा पड़ना
-
सिर पर चोट लगने के बाद तेज दर्द