आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लाते हुए ऐलान किया है कि उनकी पार्टी आगामी 2025 विधानसभा चुनाव में अकेले उतरेगी और सरकार बनाएगी।
गुजरात दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “
हम बिहार में अकेले चुनाव लड़ेंगे, जीतेंगे और सरकार बनाएंगे। हमने पंजाब में यह करके दिखाया है, और वहां अगली बार भी हमारी सरकार बनेगी। गुजरात में भी जल्द ही हम सत्ता में आएंगे।”
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केजरीवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनावों के लिए AAP इंडिया गठबंधन के साथ बनी रहेगी, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। यह बयान बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है, क्योंकि AAP की यह आक्रामक रणनीति विपक्षी दलों के लिए चुनौती बन सकती है।
केजरीवाल ने बिहार में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “लोकतंत्र में निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है। बिहार में चुनाव आयोग जो कर रहा है, वह ठीक नहीं है। आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी भूमिका निभानी चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि AAP बिहार में स्वच्छ और जन-केंद्रित राजनीति को बढ़ावा देगी।
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AAP ने बिहार में अपनी जमीनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने दिल्ली और पंजाब मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में भी उनकी पार्टी मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे वादों के साथ जनता के बीच जाएगी।
केजरीवाल का यह ऐलान बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को और रोचक बना सकता है। वर्तमान में बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच कांटे की टक्कर है। ऐसे में AAP का अकेले मैदान में उतरना और सरकार बनाने का दावा नई राजनीतिक समीकरण बना सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP की मौजूदगी युवा और शहरी मतदाताओं को आकर्षित कर सकती है, जो बदलाव की उम्मीद में हैं।