दो सगी बहनों ने चलाया हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट
गरीब लड़कियों को नौकरी के बहाने फंसाया; 3 गिरफ्तार, अहमदाबाद तक कनेक्शन

दो बहनों ने चलाया हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट

दो बहनों ने चलाया हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाला और संगीन मामला सामने आया है। बागसेवानिया इलाके के सागर रॉयल विला में रहने वाली दो सगी बहनें अमरीन (उर्फ महिरा) और आफरीन ने ब्यूटी पार्लर और घरेलू नौकरी के बहाने गरीब परिवार की लड़कियों को फंसाकर हाई-प्रोफाइल सेक्स और ड्रग्स रैकेट चलाया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी तीन फरार हैं। जांच में सामने आया है कि बहनें झोपड़ी में रहने से लेकर लग्जरी विला, महंगी कारों और एयर ट्रैवल तक पहुंच गई थीं।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात दो पीड़ित महिलाओं ने अलग-अलग थाने में शिकायत दर्ज कराई। एक 21 वर्षीय छत्तीसगढ़ निवासी और दूसरी 30 वर्षीय भोपाल निवासी महिला ने बताया कि उन्हें नौकरी और मुफ्त आवास-खाना देने के लालच में फंसाया गया। आरोप है कि दोनों बहनों और उनके साथी चंदन यादव ने पीड़िताओं को पहले ब्यूटी पार्लर या घरेलू काम का झांसा दिया, फिर फ्लैट में बुलाकर नशीले पदार्थ देकर बेहोश किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। बाद में उन्हें जबरन सेक्स रैकेट में धकेल दिया गया। पीड़िताओं का कहना है कि कई अन्य लड़कियां भी इस रैकेट की शिकार हुई हैं।
आरोपियों की पहचान अमरीन, आफरीन और चंदन यादव के रूप में हुई है। तीन अन्य—बिलाल, चानू और यासिर—को नामजद किया गया है, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें संदिग्ध चैट, ग्रुप और पीड़िताओं की तस्वीरें मिली हैं। फोरेंसिक जांच के लिए डेटा भेजा गया है। जांच में पता चला है कि रैकेट का नेटवर्क भोपाल से आगे अहमदाबाद, मुंबई और बेंगलुरु तक फैला हुआ है। इसलिए पुलिस ने अहमदाबाद की ओर टीम भेजी है और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर रही है।
पुलिस अधिकारी अमित सोनी (बागसेवानिया थाना प्रभारी) ने बताया कि आरोपियों की आय के स्रोतों की जांच की जा रही है। दोनों बहनें अब्बास नगर की झोपड़ी से सागर रॉयल विला में शिफ्ट हुई थीं, महंगी कारें खरीदीं, हवाई यात्राएं कीं और कई लड़कियों को ₹10 हजार मासिक वेतन पर घरेलू काम के नाम पर रखा। यह पैसा रैकेट से कमाया गया था। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार), 123 (नशीले पदार्थ देकर अपराध करवाना), 351 (आपराधिक धमकी) और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, मानव तस्करी और साइबर ब्लैकमेल जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच के दौरान अफवाहें न फैलाएं और पीड़िताओं की गोपनीयता बनाए रखें। तपास में और आरोपी सामने आने की आशंका है। गिरफ्तार आरोपियों की पुलिस कस्टडी में पूछताछ जारी है और पीड़िताओं के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जा रहे हैं। यह केस भोपाल में महिलाओं के शोषण के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।