मंगलुरु में नाबालिग लड़के पर हमला
रेलवे ट्रैक पर लड़की के साथ देखा तो दो पिता-पुत्र ने पीटा और वीडियो बनाया

नाबालिग लड़के पर हमला

नाबालिग लड़के पर हमला
कर्नाटक के मंगलुरु शहर में एक नाबालिग लड़के के साथ हुई मारपीट और जातिसूचक गाली-धमकी का मामला सामने आया है। पांडेश्वर इलाके में रेलवे ट्रैक पर एक नाबालिग लड़की के साथ खड़े क्लास 9 के छात्र को देखकर स्टीवन मोंटेरियो और उसके बेटे अविल ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि दोनों ने लड़के को गालियां दीं, लात-घूंसे मारे, मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी दी। पीड़ित लड़के के पिता ने 25 फरवरी को मंगलुरु सिटी साउथ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 23 फरवरी शाम को हुई। पीड़ित लड़का अपनी क्लास 10 की सहेली के साथ बाबुगुड्डे के पास रेलवे ट्रैक पर बात कर रहा था। उसी दौरान इलाके में लॉन्ड्री चलाने वाले स्टीवन मोंटेरियो और उसका बेटा अविल वहां पहुंचे। स्टीवन ने लड़के पर आरोप लगाया कि उसने लड़की को चूमा है और उसे गालियां देने लगा। लड़का-लड़की वहां से जाने लगे तो स्टीवन ने उनका फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। अविल ने लड़के को खींचकर अलग किया और उसकी मारपीट की, जिसका वीडियो स्टीवन ने रिकॉर्ड किया। स्टीवन ने लड़के को जातिसूचक गाली (बकुडा जाति का जिक्र कर) दी और कहा कि अगर वह दोबारा इस इलाके में आया तो वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डाल देगा।
घटना के बाद पीड़ित लड़के के पिता ने 25 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि 25 फरवरी को उन्हें व्हाट्सएप पर घटना का वीडियो और फोटो मिले। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टीवन मोंटेरियो और अविल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने की मंशा से अपमान), 351(1) (आपराधिक धमकी) और 79 (महिला की गरिमा का अपमान करने की मंशा से कार्य) के साथ-साथ अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r)(s) (सार्वजनिक स्थान पर जाति नाम लेकर अपमान या धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित लड़के को आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़ित लड़के और लड़की के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और घटना के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बाकी आरोपियों (अगर कोई शामिल हों) की तलाश जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत रेल मदद ऐप या हेल्पलाइन पर दें ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके। साथ ही जांच के दौरान अफवाहें न फैलाने और पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखने की भी सलाह दी गई है। जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।