इंटरव्यू टालने के लिए कंपनी को बम धमकी दी
पूर्व प्रेमिका का इंटरव्यू रुकवाने के लिए प्रेमी ने कंपनी को बम की धमकी दी, गिरफ्तार

प्रेमिका का इंटरव्यू रोकने के लिए भेजा बम की धमकी वाला ईमेल

प्रेमिका का इंटरव्यू रोकने के लिए भेजा बम की धमकी वाला ईमेल
हरियाणा के गुरुग्राम में एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका का इंटरव्यू रुकवाने के लिए एक कंपनी को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली। पुलिस ने लंबी जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला गोल्फ कोर्स रोड स्थित डीएलएफ टू होराइजन सेंटर की एक कंपनी से जुड़ा है। आरोपी 29 वर्षीय युवक कानूनी फर्म में काम करता है और कोलकाता का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी को सुबह करीब 9:15 बजे कंपनी को ईमेल मिला, जिसमें व्यावसायिक परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वाड, बम डिटेक्शन टीम, दमकल और हरियाणा आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मौके पर पहुंचीं। इमारत को खाली कराकर तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला। कंपनी ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने मामला दर्ज किया।
साइबर टीम ने ईमेल का पता लगाया और जांच में पता चला कि यह धमकी पूर्व प्रेमिका का इंटरव्यू टालने के लिए दी गई थी। आरोपी का मानना था कि अगर इंटरव्यू टल जाएगा तो युवती मदद मांगने उसके पास आएगी और इसी बहाने पुराना रिश्ता दोबारा शुरू हो सकता है। दोनों का रिश्ता करीब डेढ़ साल चला था, लेकिन बाद में दूरी आ गई थी।
सहायक पुलिस आयुक्त विकास कौशिक ने बताया कि आरोपी ने धमकी भेजने के बाद उम्मीद जताई थी कि कंपनी में दहशत फैलेगी, इमारत खाली होगी और इंटरव्यू रुक जाएगा। लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सेक्टर-31 से गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। अभी तक उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने अकेले यह साजिश रची थी या इसमें कोई और शामिल था। घटना ने एक बार फिर साइबर धमकियों और व्यक्तिगत रिश्तों में उलझे लोगों के खतरनाक कदमों पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी धमकी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
यह घटना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ती साइबर धमकियों और व्यक्तिगत मोबाइल-ईमेल के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने तक अफवाहें न फैलाएं और पीड़ित पक्ष की गोपनीयता बनाए रखें। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है।