कासगंज में 5 सदस्यों की सामूहिक मौत
पति फंदे पर लटका, पत्नी-बच्चों को जहर? आर्थिक तंगी संभावित कारण, जाने DIG ने क्या कहा..

कासगंज अमांपुर में एक ही परिवार के 5 सदस्य मृत

कासगंज अमांपुर में एक ही परिवार के 5 सदस्य मृत
कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमांपुर कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एटा रोड पर रहने वाले 50 वर्षीय वेल्डिंग मिस्त्री सत्यवीर (उर्फ श्यामवीर या फौजी) और उनके परिवार के पांच सदस्यों के शव बंद घर में मिले हैं। मृतकों में सत्यवीर की पत्नी रामश्री (46-48 वर्ष), दो बेटियां प्राची (12-14 वर्ष) और आकांक्षा (10-12 वर्ष), तथा बेटा गिरीश (8-10 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया सामूहिक आत्महत्या या हत्या के बाद आत्महत्या का मामला माना है, जबकि आर्थिक तंगी को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी शनिवार (21 फरवरी 2026) को तब हुई जब एक व्यक्ति शादी का कार्ड देने उनके घर पहुंचा। घर का मुख्य द्वार अंदर से बंद था और बार-बार आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर पड़ोसियों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। अमांपुर कोतवाली पुलिस ने दरवाजा तोड़कर (कुछ रिपोर्ट्स में वेल्डिंग मशीन से काटकर) अंदर प्रवेश किया। अंदर का मंजर देख पुलिसकर्मी भी दहल गए। सत्यवीर का शव फंदे से लटका मिला, जबकि अन्य चार शव फर्श पर या बिस्तर पर रजाई के नीचे पड़े थे। कुछ रिपोर्ट्स में पत्नी रामश्री के गले पर रेतने (गला घोंटने) के गहरे निशान मिले, बच्चों के मुंह से झाग और खून निकल रहा था, जिससे जहर देने की आशंका जताई जा रही है।
अलीगढ़ मंडल के DIG प्रभाकर चौधरी मौके पर पहुंचे और मीडिया से बातचीत में बोले, "घर के दरवाजे अंदर से बंद थे और जबरन प्रवेश का कोई निशान नहीं मिला। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। स्थानीय लोगों से बातचीत में आर्थिक तंगी का जिक्र आया है। सत्यवीर वेल्डिंग का काम करते थे और पहले पार्टनरशिप में दुकान चलाते थे, लेकिन हाल में आर्थिक संकट था।" उन्होंने कहा कि सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। DIG ने परिवार के परिजनों से संपर्क करने और आगे की जांच जारी रखने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, परिवार पिछले 2-3 दिनों से घर से बाहर नहीं निकला था। घर में चूल्हा बुझा हुआ था और बर्तन खाली मिले, जिससे लगता है कि वे कई दिनों से भूखे-प्यासे थे या जानबूझकर कुछ नहीं खा रहे थे। सत्यवीर पहले अमांपुर में तीन लोगों के साथ पार्टनरशिप में वेल्डिंग दुकान चलाते थे, लेकिन हाल में आर्थिक दबाव बढ़ गया था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार पर कर्ज का बोझ था और वे तनाव में रहते थे।
यह घटना बुराड़ी जैसी पुरानी सामूहिक मौतों की याद दिलाती है, जहां आर्थिक संकट ने परिवार को तबाह कर दिया। पुलिस ने सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है - क्या यह पूरी तरह आत्महत्या थी, या पति ने पहले परिवार को मारकर खुद सुसाइड किया? फोरेंसिक रिपोर्ट और विष विज्ञान जांच से सच्चाई सामने आएगी। इलाके में शोक की लहर है और लोग आर्थिक तंगी में फंसे परिवारों के लिए मदद की अपील कर रहे हैं। DM प्रणय सिंह और SP अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने परिवार के परिजनों को सहायता देने का आश्वासन दिया है।
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