Aravalli Bishnoi gang and police encounter:गुजरात के अरावली जिले में पोस्ता भूसा तस्करी की सूचना पर पहुंची SOG टीम और स्कॉर्पियो सवार संदिग्धों के बीच फायरिंग की घटना सामने आई है। घटना धनसुरा तालुका के शिनोल गांव के पास हुई, जहां पुलिस ने कथित तौर पर पोस्ता भूसा से भरी एक काली स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार दो लोगों ने पुलिसकर्मियों की ओर हथियार तान दिया। इसके बाद SOG टीम ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायरिंग की। फायरिंग के बाद स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी और दोनों संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने स्कॉर्पियो से पोस्ता भूसा बरामद कर वाहन और बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है। दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में अरावली पुलिस ने नाकेबंदी और सघन तलाशी अभियान शुरू किया है।
अरावली के शिनोल में कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अरावली SOG की टीम धनसुरा पुलिस थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि काली स्कॉर्पियो में पोस्ता भूसा की खेप लेकर कुछ लोग शिनोल इलाके से गुजर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद SOG टीम ने शिनोल गांव के पास निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद पुलिस को संदिग्ध स्कॉर्पियो दिखाई दी। पुलिस टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई।
स्कॉर्पियो पुलिस जीप से टकराई
पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश के दौरान वाहन पुलिस जीप से टकरा गया। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो में सवार दोनों लोगों ने कथित तौर पर पुलिस की ओर हथियार तान दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए जवाबी कार्रवाई की। घटना के दौरान पुलिस जीप और स्कॉर्पियो दोनों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
SOG ने आत्मरक्षा में की दो राउंड फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो सवार संदिग्धों द्वारा कथित तौर पर हथियार ताने जाने के बाद SOG पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए। फायरिंग के बाद स्कॉर्पियो का नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन सड़क से नीचे जाकर खाई में गिर गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी बात सामने आई है। हालांकि, घायलों की स्थिति और घटना में चोटों से जुड़ी विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच से स्पष्ट होगी।
पोस्ता भूसा से भरी स्कॉर्पियो छोड़कर भागे दोनों संदिग्ध
स्कॉर्पियो के खाई में गिरने के बाद उसमें सवार दोनों संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्कॉर्पियो की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में पोस्ता भूसा बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो और बरामद पोस्ता भूसा को जब्त कर लिया। पुलिस अब बरामद सामग्री की जांच और मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पोस्ता भूसा के नमूने को FSL जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पोस्ता भूसा की खेप कहां से आई? पुलिस जांच में जुटी
स्कॉर्पियो से पोस्ता भूसा बरामद होने के बाद पुलिस अब सिर्फ फरार संदिग्धों की तलाश ही नहीं कर रही, बल्कि पूरी तस्करी की कड़ी का पता लगाने में जुटी है।
जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोस्ता भूसा:
- कहां से लाया गया था?
- किसे और कहां पहुंचाया जाना था?
- स्कॉर्पियो में सवार दोनों संदिग्धों की क्या भूमिका थी?
- इस खेप के पीछे कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल है या नहीं?
- घटना के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया हथियार कहां से आया?
इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की भी जांच
SOG PI पी.बी. चौधरी के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जानकारी में दोनों संदिग्धों के बिश्नोई गैंग से कथित संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों संदिग्ध फिलहाल फरार हैं। ऐसे में उनके नाम, पहचान और कथित गैंग कनेक्शन से जुड़ी जानकारी की पुलिस जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल बिश्नोई गैंग कनेक्शन को पुलिस की शुरुआती जानकारी के तौर पर देखा जा रहा है। संदिग्धों की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में अधिक आधिकारिक जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
अरावली SP मनोहरसिंह जडेजा मौके पर पहुंचे
फायरिंग की सूचना मिलने के बाद अरावली जिले के SP मनोहरसिंह जडेजा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस जीप, स्कॉर्पियो, फायरिंग तथा बरामद पोस्ता भूसा से जुड़े साक्ष्यों की जानकारी ली। पुलिस अब घटनास्थल से मिले सबूतों और प्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी है।
दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में नाकेबंदी
दोनों संदिग्धों के फरार होने के बाद अरावली पुलिस ने जिले में नाकेबंदी और वाहन चेकिंग तेज कर दी है। संभावित भागने वाले रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में सघन गश्त और तलाशी अभियान चला रही हैं। राजस्थान सीमा की ओर जाने वाले संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि फरार संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।
NDPS एक्ट के तहत मामले की जांच
पोस्ता भूसा से जुड़ी बरामदगी के बाद पुलिस मामले की कानूनी जांच कर रही है। अवैध मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में NDPS Act के प्रावधान लागू हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी अंतिम जानकारी आधिकारिक पुलिस कार्रवाई और केस रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।
अरावली SOG फायरिंग केस में अब आगे क्या?
अरावली के शिनोल गांव के पास हुई इस घटना में पुलिस ने पोस्ता भूसा से भरी स्कॉर्पियो जब्त कर ली है, जबकि उसमें सवार दोनों संदिग्ध अभी फरार हैं।
अब पुलिस की जांच मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर है—फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी, पोस्ता भूसा की खेप का स्रोत, कथित हथियार और बिश्नोई गैंग से बताए जा रहे संबंध।
जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में आरोपियों की पहचान, बरामद सामग्री की पुष्टि और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक जानकारी सामने आ सकती है।
नोट: बिश्नोई गैंग से कथित संबंध की जानकारी पुलिस की शुरुआती जांच/इंटेलिजेंस पर आधारित बताई गई है। दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही इस संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।