कर्क राशि वालों के लिए खुशखबरी, होगा ये खास काम
अगर आपकी राशि कर्क है, तो आने वाले दिनों में आपकी किस्मत चमक सकती है, आपको शुभ समाचार मिले

कर्क राशि वालों को लाभ होगा

कर्क राशि वालों को लाभ होगा
। श्री गणेश उपासक।
।श्री मद भागवत कथाकार।
। शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या।
M.phil B.ed. ज्योतिष,वास्तुशास्त्र
(whatsapp 9924233030)
🌞पंचांग मार्गदर्शन 🌞
विक्रम संवत 2081- शालीवाहन शक1947 - अनल नाम संवत्सर - दक्षिणायन शरदऋतु।
☀तारीख 16/10/2025 गुरुवार।
☀आश्विन मास, कृष्ण, वदपक्ष।☀ दशम तिथि सुबह 10:37 तक हे।☀ आश्लेषा नक्षत्र दोपहर 12:43 तक हे।☀ शुभ योग है।☀चंद्र राशि कर्क (ड, ह,) दोपहर 12:43 तक है।
🪔 उत्सव मार्गदर्शन 🪔
आज भद्रा,गंड मूल योग हे/ज्वालामुखी योग, मूसल योग है नए कार्य प्रारंभ न करें नुकसान हो सकता है।
❌ आज राहु काल 01-59 p.m. से 03-27 p.m.तक अशुभ समय हे।
❌ आज का यमघंट काल 06-43 a.m. से 08-11 a.m. तक अशुभ समय हे।
❌ आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल हे यात्रा,प्रवास करने के लिए अशुभ दुर्घटना,आए नुकसान हो सकता है।
❌ आज राहु काल वास दक्षिण दिशा में हे इस दिशा में बैठकर पूजा या मांगलिक कार्य न करें नुकसान होगा।
✅ आज अभिजीत मुहूर्त 12-09 p.m. से 12-55 p.m. तक शुभ समय हे ।
✅ विजय मुहूर्त 02-31 p.m. से 03-18 p.m. तक शुभ समय हे ।
✨भाग्योदय के लिए आज यह पूजा करे✨
आश्विन मास वद दशम तिथि गुरुवार की पूजा करने का मार्गदर्शन इस प्रकार है:
गुरुवार पूजा का महत्व
गुरुवार का दिन भगवान बृहस्पति और गुरु देवता को समर्पित है। इस दिन भगवान बृहस्पति और गुरु देवता की पूजा करने से विशेष लाभ होता है।
पूजा विधि
1. स्नान और स्वच्छ वस्त्र: सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. पूजा स्थल की शुद्धि: पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
3. भगवान बृहस्पति की पूजा: भगवान बृहस्पति की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें और उन्हें पीले पुष्प, पीले वस्त्र अर्पित करें।
4. गुरु देवता की पूजा: गुरु देवता की पूजा करें और उन्हें पीले पुष्प, पीले वस्त्र अर्पित करें।
5. मंत्रों का जाप: ॐ बृहस्पतये नमः और ॐ गुरवे नमः मंत्रों का जाप करें।
6. आरती और प्रसाद: भगवान बृहस्पति और गुरु देवता की आरती करें और प्रसाद को सभी में वितरित करें।
गुरुवार पूजा के लाभ
1. भगवान बृहस्पति की कृपा: गुरुवार पूजा करने से भगवान बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है।
2. गुरु देवता की कृपा: गुरुवार पूजा करने से गुरु देवता की कृपा प्राप्त होती है।
3. ज्ञान और बुद्धि: गुरुवार पूजा करने से ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है।
विशेष सावधानियाँ
1. व्रत: गुरुवार के दिन व्रत रखने से विशेष लाभ होता है।
2. पीले रंग का महत्व: गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना और पीले पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष
आश्विन मास वद दशम तिथि गुरुवार की पूजा एक महत्वपूर्ण पूजा है, जो भगवान बृहस्पति और गुरु देवता की कृपा और आशीर्वाद के लिए की जाती है। इस पूजा को विधि-विधान से करने से भगवान बृहस्पति और गुरु देवता की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या
9924233030
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।श्री गणेशजी आपका कल्याण करे
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