नौसेना के लिए ISRO का सबसे भारी सैटेलाइट लॉन्च
GSAT 7R सैटेलाइट भारतीय नौसेना की संचार और निगरानी क्षमताओं को करेगा मज़बूत

ISRO GSAT 7R सैटेलाइट लॉन्च

ISRO GSAT 7R सैटेलाइट लॉन्च
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) रविवार शाम भारतीय नौसेना के संचार सैटेलाइट GSAT 7R (CMS-03) का प्रक्षेपण करेगा। यह लॉन्च आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शाम 5:26 बजे किया जाएगा। इसे ISRO के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकेगा।
करीब 4,400 किलोग्राम वज़न वाला GSAT 7R अब तक का भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह होगा। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है और भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और संचार प्रणाली को और मज़बूत करेगा। यह उपग्रह भारत और आस-पास के महासागरीय क्षेत्र में मल्टी-बैंड संचार सेवाएं प्रदान करेगा।
इस मिशन के लिए ISRO अपने विश्वसनीय LVM3-M5 लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करेगा; वही रॉकेट जिसने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारा था। 43.5 मीटर ऊंचे और 642 टन वज़न वाले इस रॉकेट में तीन चरणों वाला प्रणोदन तंत्र है, जो सैटेलाइट को भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में स्थापित करेगा।
ISRO के अनुसार, रॉकेट को 26 अक्टूबर से लॉन्च पैड पर प्री-लॉन्च ऑपरेशनों के लिए रखा गया था। मिशन में आठ प्रमुख अनुक्रम होंगे, जिनमें सैटेलाइट को लगभग 179 किलोमीटर की ऊंचाई और 10 किमी प्रति सेकंड की गति पर अलग किया जाएगा।
GSAT 7R मिशन भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक और रणनीतिक रक्षा संचार क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।