शुक्र प्रदोष और मासिक शिवरात्रि 2026: शुभ मुहूर्त
जानें 16 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सुख-समृद्धि के अचूक ज्योतिषीय उपाय।

शुक्र प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

शुक्र प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त
। श्री गणेश उपासक।
।श्री मद भागवत कथाकार।
। शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या।
M.phil B.ed. ज्योतिष,संस्कृत
(whatsapp 9924233030)
🌞पंचांग मार्गदर्शन 🌞
विक्रम संवत 2082- शालीवाहन शक1947 -
विश्वावसु नाम संवत्सर उतरायण,शिशिरऋतु।
🌞तारीख 16,जनवरी,2026 शुक्रवार
🌞पौष,मास. हे
🌞 कृष्ण,पक्ष. हे
🌞 त्रयोदशी तिथि हे
🌞 मूल नक्षत्र हे
🌞 ध्रुव योग हे
🌞 वणिज करण है
🌞 चंद्र राशि धनु (भ, ध, ढ,) है
🪔 उत्सव मार्गदर्शन 🪔
आज मेरु त्रयोदशी है/प्रदोष व्रत हे/मासिक शिवरात्रि हे/
🌞 16 जनवरी 2026 शुक्रवार का शुभ अशुभ समय
शुभ समय (Auspicious Timings)
आज के दिन कई शुभ मुहूर्त और विशेष योग बन रहे हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:27 से 06:21 तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:52 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:44 से 06:11 तक
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 05:47 से रात 08:29 तक
विशेष योग: आज शुक्र प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का अत्यंत शुभ संयोग है।
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:
राहुकाल: सुबह 11:12 से दोपहर 12:31 तक
गुलिक काल: सुबह 08:36 से 09:54 तक
यमगण्ड काल: दोपहर 03:09 से 04:28 तक (क्षेत्रानुसार थोड़ा अंतर संभव)
भद्रा: रात 10:21 से अगले दिन सुबह 07:15 (17 जनवरी) तक
🌟🌟भाग्योदय के लिए यह पूजा करे 🌟🌟
16 जनवरी 2026 शुक्रवार के लिए धार्मिक मार्गदर्शन
16 जनवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र है। इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
1. प्रमुख व्रत और पर्व
शुक्र प्रदोष व्रत: शुक्रवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सुख-समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक आनंद के लिए किया जाता है।
मासिक शिवरात्रि: माघ मास की शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा पाने का विशेष दिन है। यह त्रयोदशी और चतुर्दशी के मिलन का समय है।
2. पूजा और अनुष्ठान (क्या करें)
भगवान शिव की पूजा: प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में शिव जी का अभिषेक करें। 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें।
माता लक्ष्मी की आराधना: शुक्रवार होने के कारण आज महालक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी है। उन्हें खीर का भोग लगाएं और महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें।
मासिक शिवरात्रि व्रत: यदि आप मानसिक शांति और अटके हुए कार्यों को पूरा करना चाहते हैं, तो आज मासिक शिवरात्रि का व्रत रखें और रात्रि जागरण कर शिव चालीसा का पाठ करें।
3. दान और पुण्य (Remedies)
सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार और प्रदोष के दिन चावल, चीनी, दूध या सफेद मिठाई का दान करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है।
नंदी की सेवा: शिव मंदिर में जाकर नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं, इससे शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
4. विशेष मंत्र
आज के दिन इन मंत्रों का जाप कल्याणकारी होगा:
शिव मंत्र: 'कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।'
शुक्र मंत्र: 'ॐ शुं शुक्राय नमः'
5. क्या न करें (सावधानियां)
आज के दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें; लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से परहेज करें।
किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों का।
राहुकाल (सुबह 11:12 से दोपहर 12:31) के दौरान कोई भी नया वित्तीय लेनदेन या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचें।
शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या
9924233030
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।श्री गणेशजी आपका कल्याण करे।
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