भीष्म और वराह द्वादशी के साथ 'पद्म' योग का संयोग
'पद्म' योग का शुभ संयोग, जानें प्रदोष व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग

आज का पंचांग
सनातन परंपरा में तिथियों और नक्षत्रों का विशेष महत्व है। प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथाकार और ज्योतिष विशेषज्ञ शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या के मार्गदर्शन के अनुसार, आज यानी 30 जनवरी 2026, शुक्रवार का दिन आध्यात्मिक और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत मंगलकारी है।
आज की पंचांग गणनाविक्रम संवत: 2082 (विश्वावसु नाम संवत्सर)
तिथि: माघ, शुक्ल पक्ष, द्वादशी/त्रयोदशी
नक्षत्र: आर्द्रा
योग: वैधृति (पद्म नामक शुभ योग का भी निर्माण हो रहा है)
चंद्र राशि: मिथुन (क, छ, घ)
आज भीष्म द्वादशी और वराह द्वादशी का पावन पर्व है। साथ ही, आज शुक्र प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। शुक्रवार को त्रयोदशी तिथि होने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। यह व्रत सुख-समृद्धि, वैवाहिक सुख और आर्थिक स्थिरता के लिए रामबाण माना जाता है।
शुभ और अशुभ समय (Muhurat)शास्त्री जी का सुझाव: प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने से जीवन के समस्त कष्टों का निवारण होता है।
किसी भी कार्य की सफलता के लिए सही समय का चयन आवश्यक है:
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 से 01:01 तक अमृत काल शाम 06:18 से 07:46 तक ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:35 से 06:23 तक राहू काल सुबह 11:17 से दोपहर 12:40 तक यम गण्ड दोपहर 03:24 से शाम 04:46 तक वर्ज्यम् दोपहर 01:10 से 02:38 तक भाग्योदय के लिए विशेष उपायशास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या के अनुसार, आज के दिन इन उपायों से आप अपना भाग्य चमका सकते हैं:
शिव उपासना: मंदिर जाकर जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप करें।
महालक्ष्मी कृपा: शुक्रवार का दिन होने के कारण सफेद वस्तुओं जैसे- मिश्री, दूध या चावल का दान करें।
नया आरंभ: आज 'पद्म' योग होने के कारण नए व्यवसाय या कार्य की शुरुआत करना उत्तम रहेगा।
प्रस्तुति:
शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या (M.phil, B.ed)
विशेष मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें: +91 9924233030