इस राशि के लोगों को मिलेगा अचानक आर्थिक लाभ
अगर आपकी राशि धनु है तो आने वाले समय में आपको बहुत सारा धन मिल सकता है।

इस राशि को बहुत फ़ायदा होगा।

इस राशि को बहुत फ़ायदा होगा।
। श्री गणेश उपासक।
।श्री मद भागवत कथाकार।
। शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या।
M.phil B.ed. ज्योतिष,संस्कृत
(whatsapp 9924233030)
🌞पंचांग मार्गदर्शन 🌞
विक्रम संवत 2082- शालीवाहन शक1947 -
विश्वावसु नाम संवत्सर उतरायण,शिशिरऋतु।
🌞तारीख 18,जनवरी,2026 रविवार
🌞पौष,मास. हे
🌞 कृष्ण,पक्ष. हे
🌞 अमावस्या तिथि हे
🌞 उत्तरासाढ़ा नक्षत्र हे
🌞 हर्षण योग हे
🌞 चतुष्पद करण है
🌞 चंद्र राशि धनु (भ, ध, ढ,) है
🪔 उत्सव मार्गदर्शन 🪔
आज मौनी, दर्श अमावस्या हे/सर्वथा सिद्धियोग है विष्णु पूजा,जाप और पितृ पूजा,तर्पण, पिंडदान के लिए उत्तम समय हे।
🌞 18 जनवरी 2026 रविवार का शुभ अशुभ समय
शुभ समय (Auspicious Timings)
आज के दिन के महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurta): दोपहर 12:10 PM से 12:53 PM तक।
ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta): सुबह 05:34 AM से 06:24 AM तक।
शुभ चौघड़िया (Day Choghadiya):
चर (Char): सुबह 08:34 AM से 09:54 AM।
लाभ (Labh): सुबह 09:54 AM से 11:13 AM।
अमृत (Amrit): सुबह 11:13 AM से 12:33 PM।
शुभ (Shubh): दोपहर 01:52 PM से 03:12 PM।
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
इन समय अंतरालों में शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है:
राहुकाल (Rahu Kaal): शाम 04:29 PM से 05:49 PM तक (यह सबसे अशुभ समय माना जाता है)।
यमगण्ड (Yamaganda): दोपहर 12:31 PM से 01:49 PM तक।
गुलिक काल (Gulika Kaal): दोपहर 03:08 PM से 04:26 PM तक।
🌟🌟भाग्योदय के लिए यह पूजा करे 🌟🌟
18 जनवरी 2026 रविवार के लिए धार्मिक मार्गदर्शन
इस दिन माघ अमावस्या है, जिसे 'मौनी अमावस्या' के नाम से जाना जाता है।
यहाँ इस दिन के लिए प्रमुख धार्मिक मार्गदर्शन और उपाय दिए गए हैं:
1. मौनी अमावस्या का महत्व
माघ मास की अमावस्या को सभी अमावस्याओं में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों (विशेषकर गंगा) का जल अमृत के समान हो जाता है।
मौन व्रत: इस दिन मौन रहकर जप-तप करने का विशेष महत्व है। यदि पूरा दिन संभव न हो, तो सवा घंटे या दान करते समय मौन रहें।
स्नान: सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, सरोवर या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना पुण्यदायी माना जाता है।
2. पितृ दोष मुक्ति के उपाय
रविवार और अमावस्या का संयोग पितरों को प्रसन्न करने के लिए उत्तम है:
तर्पण: पितरों के निमित्त जल में काले तिल डालकर तर्पण करें।
दीपदान: शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का ध्यान करें।
3. सूर्य देव की उपासना (रविवार विशेष)
चूंकि यह रविवार है, इसलिए सूर्य देव की पूजा से आरोग्य और सफलता की प्राप्ति होगी:
सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत (चावल) डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
4. दान-पुण्य का फल
मौनी अमावस्या पर दान का फल अनंत गुना मिलता है। आप इन वस्तुओं का दान कर सकते हैं:
तिल, गुड़, ऊनी वस्त्र (कंबल), अनाज और आंवला।
किसी गौशाला में गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत शुभ रहेगा।
5. आज के लिए विशेष मंत्र
भगवान विष्णु और शिव की संयुक्त कृपा के लिए: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ नमः शिवाय'।
मानसिक शांति के लिए गायत्री मंत्र का जाप करें।
सावधानी: इस दिन तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) से परहेज करें और क्रोध न करें। मन को शांत रखकर परोपकार के कार्यों में समय बिताएं।
शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या
9924233030
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।श्री गणेशजी आपका कल्याण करे।
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