कुंभ राशि के जातकों के लिए पंचांग मार्गदर्शन
अगर आपकी राशि कुंभ है तो आपको लाभ होगा

कुंभ राशि

कुंभ राशि
। श्री गणेश उपासक।
।श्रीमद भागवत कथाकार।
। शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या।
M.phil B.ed. ज्योतिष,वास्तुशास्त्र
(whatsapp 9924233030)
🌞पंचांग मार्गदर्शन 🌞
विक्रम संवत 2081- शालीवाहन शक1947 - अनल नाम संवत्सर - दक्षिणायन शरदऋतु।
👉तारीख 4/10/2025 शनिवार।
👉 आश्विन मास, शुक्ल, सुदपक्ष।
👉 द्वादशी तिथि 05-09 p.m.तक हे बाद में त्रयोदशी तिथि हे।
👉 शतभिषा नक्षत्र हे।
👉 शूल योग है।
👉आज जन्मे बालक की कुंभ राशि
(ग, स, श) आयेगी
🪔 उत्सव मार्गदर्शन 🪔
आज पंचक हे/पापांकुशा एकादशी पारणा/पद्मनाभ द्वादशी हे/शनि त्रयोदशी हे/प्रदोष व्रत हे/विश्व प्राणी दिन/आनंद नामक शुभ योग है नए कार्य प्रारंभ करने के लिए उत्तम दिन है।
❌ आज राहु काल 09-37 a.m. से 11-06 a.m.तक अशुभ समय हे।
❌ आज का यमघंट काल 02-04 p.m. से 03-33 p.m. तक अशुभ समय हे।
❌ आज पूर्व दिशा में दिशा शूल हे यात्रा,प्रवास करने के लिए अशुभ दुर्घटना,आए नुकसान हो सकता है।
❌ आज राहु काल वास पूर्व दिशा में हे इस दिशा में बैठकर पूजा या मांगलिक कार्य न करें नुकसान होगा।
✅ आज सूर्योदय सुबह 06-39 बजे हे, सूर्यास्त शाम 06-31 को होगा ।
✅ आज अभिजीत मुहूर्त 12-12 p.m. से 01-00 p.m.तक हे।
✅ अमृतकाल 01-09 a.m. अक्टूबर 5 से 02-41 a.m. अक्टूबर 05 तक शुभ समय हे ।
✅ विजय मुहूर्त 02-41 p.m. से 03-29 p.m. तक शुभ समय हे ।
भाग्य चमकाने वाला आज का राशि उपाय
4 अक्टूबर 2025 शनिवार को शनि प्रदोष व्रत है, जो भगवान शिव और शनिदेव की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन व्रत रखने से शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि:
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें और व्रत का संकल्प करें।
- पूरे दिन केवल शिवलिंग पर बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, काले तिल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
- माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
- शाम को प्रदोष काल से पहले फिर से स्नान करें और एक चौकी पर शिव-परिवार की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- भगवान गणेश की पूजा करें, शिवलिंग का अभिषेक करें और आरती करें।
शनि प्रदोष व्रत के लाभ:
- शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति
- जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति
- भगवान शिव और शनिदेव की कृपा
शनि प्रदोष व्रत के लिए शुभ मुहूर्त:
- प्रदोष काल: शाम 05:29 से 07:55 तक
- द्विपुष्कर योग: सुबह 06:13 से 09:09 तक
शनि मंत्र:
- ॐ शं शनैश्चराय नमः (108 बार जाप करें)
- ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्ड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
शास्त्री जी कमलेशभाई पंड्या
9924233030
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।श्री गणेशजी आपका कल्याण करे।
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