लावणी डांस की महारानी की जिंदगी पर पहली बार फिल्म
श्रद्धा कपूर : विठाबाई नारायणगांवकर की बायोपिक से 'तमाशा सम्राज्ञी' की कहानी पर पर पर्दा

श्रद्धा कपूर : विठाबाई नारायणगांवकर

श्रद्धा कपूर : विठाबाई नारायणगांवकर
बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर एक बार फिर नए अवतार में नजर आने वाली हैं। 'स्त्री 2' की सफलता के बाद अब वह महाराष्ट्र की मशहूर लावणी डांसर विठाबाई नारायणगांवकर की बायोपिक 'ईथा' (Eetha) में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है, और यह प्रोजेक्ट 'छावा' डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर के साथ उनकी जोड़ी का नया कमाल होगा। विठाबाई, जिन्हें 'तमाशा सम्राज्ञी' कहा जाता था, 19वीं सदी की ऐसी कलाकार थीं जिन्होंने महिलाओं के लिए तमाशा और लावणी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। श्रद्धा के फैंस को यह फिल्म खास इसलिए लगेगी क्योंकि यह उनकी पहली बायोपिक है, और इसके लिए उन्होंने लावणी डांस व मराठी लोक संस्कृति पर खास ट्रेनिंग ली है।
विठाबाई नारायणगांवकर कौन थीं? – 'तमाशा की महारानी', जिन्होंने पुरुष-प्रधान दुनिया में बनाई पहचानविठाबाई नारायणगांवकर (1876-1973) महाराष्ट्र के नारायणगांव की रहने वाली थीं, जिन्होंने 19वीं-20वीं सदी में तमाशा (लोक नाट्य कला) और लावणी (संगीत-नृत्य शैली) को नई पहचान दी। उस दौर में तमाशा पुरुषों का दबे-कुचले क्षेत्र था, जहां महिलाओं को जगह नहीं मिलती थी। विठाबाई ने मात्र 12 साल की उम्र में तमाशा सीखा और 1920-30 के दशक में 'तमाशा सम्राज्ञी' बन गईं। उन्होंने 'सारी' तमाशा कंपनी शुरू की, जो महिलाओं के लिए पहली प्रोफेशनल तमाशा ग्रुप था। उनकी लावणी परफॉर्मेंस इतनी प्रभावशाली थी कि लोग उन्हें 'लावणी की रानी' कहते थे। विठाबाई ने न केवल कला को बढ़ावा दिया, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाया – उन्होंने 100 से ज्यादा महिलाओं को ट्रेनिंग दी और सामाजिक रूढ़ियों के खिलाफ लड़ीं। 1973 में 97 साल की उम्र में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत आज भी महाराष्ट्र के लोक कला में जीवित है।
श्रद्धा कपूर का नया अवतार: पहली बायोपिक, लावणी ट्रेनिंग के साथ 'ईथा' में दमदार रोलश्रद्धा कपूर, जो 'स्त्री 2' (2024) में हॉरर-कॉमेडी का तड़का लगाकर हिट साबित हुईं, अब विठाबाई के किरदार में गंभीर और प्रेरणादायक भूमिका निभाएंगी। 'ईथा' लक्ष्मण उतेकर की डायरेक्शन में बनेगी, जो 'छावा' (2025) में भी श्रद्धा के साथ काम कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, शूटिंग पुणे और मुंबई में चल रही है, और श्रद्धा ने 3 महीने की इंटेंस लावणी ट्रेनिंग ली है। यह उनकी पहली बायोपिक है, जहां वह विठाबाई के संघर्ष, जुनून और सामाजिक लड़ाई को दिखाएंगी। श्रद्धा ने इंस्टाग्राम पर कहा: "विठाबाई की कहानी महिलाओं के लिए प्रेरणा है। उनके जज्बे को स्क्रीन पर लाना मेरे लिए सम्मान है।" फिल्म 2026 में रिलीज होगी, और ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह श्रद्धा की करियर की सबसे इमोशनल फिल्म बनेगी।
विठाबाई की विरासत: तमाशा से लावणी तक, महिलाओं की सशक्तिकरण की प्रतीकविठाबाई का जन्म 1876 में हुआ, और उन्होंने 12 साल की उम्र में तमाशा सीखा। 1920 के दशक में उन्होंने 'सारी तमाशा' कंपनी बनाई, जो महिलाओं का पहला प्रोफेशनल ग्रुप था। लावणी में उनकी प्रस्तुतियां इतनी जीवंत थीं कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते। उन्होंने 100+ महिलाओं को ट्रेनिंग दी और सामाजिक बंधनों के खिलाफ लड़ीं। 1973 में निधन तक वे 'तमाशा सम्राज्ञी' बनी रहीं। महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें 'तमाशा की रानी' का खिताब दिया, और उनकी कहानी लोक कला की प्रेरणा है।
श्रद्धा की 'ईथा' विठाबाई की जिंदगी को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी, जो महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगी। फैंस का कहना है: "श्रद्धा का यह रोल इमोशनल रोलरकोस्टर होगा।
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