RBI Repo Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 43 महीने बाद Repo Rate में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। RBI के इस फैसले से Home Loan Interest Rate, Home Loan EMI, Auto Loan, Personal Loan और अन्य Floating Rate Loans पर असर पड़ सकता है। रेपो रेट बढ़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल उन लोगों के लिए है, जो पहले से लोन चुका रहे हैं या नया Home Loan या Car Loan लेने की तैयारी कर रहे हैं। क्या अब EMI बढ़ेगी? क्या लोन महंगा होगा? और RBI ने 43 महीने बाद ब्याज दर बढ़ाने का फैसला क्यों लिया?
RBI ने 43 महीने बाद Repo Rate क्यों बढ़ाया?
RBI ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार Repo Rate बढ़ाया है। लंबे समय तक पॉलिसी रेट को स्थिर रखने के बाद केंद्रीय बैंक ने महंगाई के दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मौद्रिक नीति को सख्त करने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिन चली MPC बैठक के बाद रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया। रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। जब RBI Repo Rate बढ़ाता है तो बैंकों के लिए फंडिंग लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर बैंक की Lending Interest Rate और ग्राहकों को दिए जाने वाले विभिन्न लोन पर दिखाई दे सकता है।
RBI Repo Rate बढ़ने से Home Loan EMI कितनी बढ़ेगी?
Home Loan EMI पर Repo Rate Hike का असर सबसे ज्यादा चर्चा में है। Floating Rate Home Loan लेने वाले ग्राहकों की ब्याज दर बैंक की रीसेट पॉलिसी और संबंधित बेंचमार्क के आधार पर बदल सकती है। अगर बैंक रेपो रेट बढ़ने के बाद Home Loan Interest Rate बढ़ाते हैं, तो नए ग्राहकों के लिए होम लोन महंगा हो सकता है। वहीं मौजूदा Floating Rate Home Loan ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या बैंक लोन की अवधि बढ़ा सकता है। हालांकि, सिर्फ 0.25% Repo Rate Hike के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि हर ग्राहक की EMI भी 0.25% बढ़ जाएगी। EMI में वास्तविक बदलाव कई चीजों पर निर्भर करता है:
- लोन की कुल राशि
- मौजूदा Home Loan Interest Rate
- बची हुई Loan Tenure
- बैंक की नई ब्याज दर
- ब्याज दर रीसेट की तारीख
- लोन एग्रीमेंट की शर्तें
इसलिए हर ग्राहक पर RBI Repo Rate Hike का EMI Impact अलग हो सकता है।
Auto Loan और Personal Loan भी हो सकते हैं महंगे
रेपो रेट बढ़ोतरी का असर केवल Home Loan तक सीमित नहीं है। Auto Loan, Car Loan, Personal Loan और दूसरे Retail Loans की ब्याज दरों पर भी इसका असर पड़ सकता है। अगर बैंक अपनी Lending Rates बढ़ाते हैं तो नए ग्राहकों के लिए कार, घर या अन्य जरूरतों के लिए लोन लेना महंगा हो सकता है। वहीं Floating Rate Loan वाले मौजूदा ग्राहकों को अगली दर रीसेट होने पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है। यानी RBI का यह फैसला सीधे तौर पर Loan Interest Rate और EMI Cost के लिए महत्वपूर्ण है।
RBI Repo Rate 5.50%, SDF और MSF Rate में बदलाव नहीं
RBI ने सिर्फ रेपो रेट में बदलाव किया है। दूसरी प्रमुख पॉलिसी दरें पहले के स्तर पर बरकरार हैं।
- Repo Rate: 5.50%
- SDF Rate: 5.25%
- MSF Rate: 5.75%
RBI ने अपने पॉलिसी रुख में भी बदलाव किया है। न्यूट्रल रुख से हटकर सख्त रुख अपनाने का फैसला महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक की चिंता को दर्शाता है।
महंगाई के दबाव के बीच RBI का बड़ा फैसला
Inflation यानी महंगाई को RBI के इस फैसले की प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव, ईंधन की कीमतों और खाने-पीने की जरूरी वस्तुओं के दाम में बदलाव ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। चीनी और प्याज जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी के बीच अगस्त की Retail Inflation Rate 4.8% रहने का अनुमान जताया गया है। यह जुलाई के 4.50% अनुमान से अधिक है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए RBI ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली RBI MPC Meeting में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला करता है।
Repo Rate Hike के बावजूद India GDP Growth मजबूत रहने का अनुमान
RBI ने ब्याज दर बढ़ाने के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को लेकर भी सकारात्मक अनुमान दिया है। चालू वित्त वर्ष में India GDP Growth 7.1% रहने का अनुमान है।
RBI के अनुमान के मुताबिक:
- दूसरी तिमाही में GDP Growth: 7.2%
- तीसरी तिमाही में GDP Growth: 6.9%
- चौथी तिमाही में GDP Growth: 6.8%
इससे संकेत मिलता है कि RBI का फोकस महंगाई को नियंत्रित करने के साथ आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखने पर भी है।
आम लोगों की जेब पर क्या पड़ेगा असर?
RBI Repo Rate बढ़ने का असर हर ग्राहक की EMI पर तुरंत और एक समान पड़े, यह जरूरी नहीं है। लेकिन अगर बैंक अपनी Lending Interest Rates बढ़ाते हैं, तो Home Loan EMI, Car Loan EMI और अन्य Floating Rate Loan EMI पर अतिरिक्त बोझ आ सकता है। नया लोन लेने वाले ग्राहकों को बैंक की नई ब्याज दरों की तुलना करनी होगी। वहीं मौजूदा Floating Rate Loan ग्राहकों को अपनी ब्याज दर, EMI और Loan Tenure में होने वाले बदलाव पर नजर रखनी चाहिए।
Bottom Line: EMI बढ़ेगी या Loan Tenure?
RBI Repo Rate 5.50% होने के बाद Home Loan और दूसरे Floating Rate Loans की लागत बढ़ने की संभावना है, लेकिन आपकी EMI कितनी बढ़ेगी, यह आपके लोन की रकम, ब्याज दर, बाकी अवधि और बैंक की रीसेट पॉलिसी पर निर्भर करेगा। RBI का 0.25% Repo Rate Hike महंगाई पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम है। दूसरी ओर, इसका असर Home Loan Interest Rate, EMI, Auto Loan Rate और Bank Lending Rate पर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है। इसलिए लोन लेने वाले और मौजूदा EMI भरने वाले ग्राहकों के लिए RBI की अगली MPC बैठक और बैंकों की ब्याज दरों में होने वाले बदलाव बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।