Quimcy Dsouza Asian Games 2026: भारत की क्विंसी जोएकिम डिसूजा ने एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया की इमा सुमाया के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद क्विंसी की पदक उम्मीद खत्म नहीं हुई है। अब वह महिला सिंगल्स के ब्रॉन्ज मेडल मैच में उतरेंगी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार उनका मुकाबला कंबोडिया की Koemyean Dy से है।
एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल पहली बार शामिल हुआ है और क्विंसी के प्रदर्शन ने इस नए खेल को भारत में सुर्खियों में ला दिया है। ग्रुप स्टेज में उन्होंने जापान की वर्ल्ड नंबर-7 युइना सकामोटो को 2-1 से हराया और इसके बाद कंबोडिया की Koemyean Dy को 2-0 से मात देकर ग्रुप ए में टॉप किया।
Quimcy Dsouza कौन हैं और क्यों हैं चर्चा में?
क्विंसी जोएकिम डिसूजा 24 साल की भारतीय टेकबॉल खिलाड़ी हैं। एशियन गेम्स 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारत के उभरते टेकबॉल चेहरों में शामिल कर दिया है। क्विंसी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि टेकबॉल शुरू करने से पहले वह मिडिल-डिस्टेंस रनिंग और फुटबॉल से जुड़ी थीं। बाद में फुटबॉल स्टार रोनाल्डिन्हो को टेकबॉल खेलते देखने के बाद उनकी इस खेल में दिलचस्पी बढ़ी। 2022 में उन्होंने टेकबॉल को अपनाया और इसके बाद तेजी से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। FITEQ की खिलाड़ी प्रोफाइल के अनुसार क्विंसी की Singles World Ranking 24 है।
Asian Games 2026 में क्विंसी डिसूजा का शानदार प्रदर्शन
क्विंसी ने एशियन गेम्स 2026 के महिला सिंगल्स टेकबॉल इवेंट में धमाकेदार शुरुआत की। ग्रुप ए के पहले मुकाबले में उनका सामना जापान की Yuina Sakamoto से हुआ। क्विंसी ने पहला सेट 10-12 से गंवाया, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए दूसरा सेट 12-11 और तीसरा सेट 13-11 से जीत लिया। इस तरह उन्होंने मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया। यह जीत इसलिए बड़ी थी क्योंकि सकामोटो वर्ल्ड रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल थीं।
दूसरे मैच में Koemyean Dy को 2-0 से हराया
पहले मैच में बड़ा उलटफेर करने के बाद क्विंसी ने ग्रुप ए के दूसरे मुकाबले में कंबोडिया की Koemyean Dy को चुनौती दी। क्विंसी ने यह मैच सीधे दो सेटों में 12-9, 12-7 से जीता। लगातार दो जीत के बाद क्विंसी ग्रुप ए में टॉप पर रहीं और उन्हें क्वार्टर फाइनल खेले बिना सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई। यही प्रदर्शन उन्हें एशियन गेम्स 2026 में पदक के बेहद करीब ले गया।
क्विंसी डिसूजा सेमीफाइनल में क्यों हारीं?
महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में क्विंसी का सामना इंडोनेशिया की Ima Sumaya से हुआ। भारतीय खिलाड़ी ने पहले सेट में शानदार शुरुआत की और 12-7 से जीत दर्ज करते हुए 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद सुमाया ने जोरदार वापसी की। उन्होंने दूसरा सेट 12-9 से जीता और मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे सेट में क्विंसी ने शुरुआत में 3-0 और फिर 4-1 की बढ़त बनाई। लेकिन इसके बाद सुमाया ने मैच का रुख पलट दिया और तीसरा सेट 12-7 से जीत लिया। इस तरह क्विंसी को सेमीफाइनल में 1-2 से हार मिली और वह फाइनल में जगह नहीं बना सकीं।
अब ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी क्विंसी
सेमीफाइनल में हार के बावजूद क्विंसी डिसूजा के पास एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने का मौका कायम है। India Today के अनुसार, क्विंसी महिला सिंगल्स के ब्रॉन्ज मेडल मैच में कंबोडिया की Koemyean Dy से भिड़ेंगी। यही वह खिलाड़ी हैं जिन्हें क्विंसी ग्रुप स्टेज में 2-0 से हरा चुकी हैं। यानी क्विंसी के पास ग्रुप स्टेज की जीत को दोहराकर भारत को टेकबॉल में ऐतिहासिक एशियन गेम्स मेडल दिलाने का मौका है।
Quimcy Dsouza की 5 बड़ी उपलब्धियां
1. सात बार की नेशनल चैंपियन
क्विंसी डिसूजा भारतीय टेकबॉल में सात बार की नेशनल चैंपियन के रूप में पहचान बना चुकी हैं। यह उपलब्धि उनके राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदर्शन को दर्शाती है।
2. World Ranking में नंबर 24
FITEQ की मौजूदा प्रोफाइल में क्विंसी की Singles World Ranking 24 दर्ज है।
3. Asian Games 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचीं
टेकबॉल के एशियन गेम्स डेब्यू में क्विंसी ने महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचकर शानदार प्रदर्शन किया। इससे वह भारत के लिए इस नए खेल में पदक की दौड़ में शामिल हुईं।
4. World No. 7 को हराया
क्विंसी ने ग्रुप स्टेज में जापान की Yuina Sakamoto को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। पहला सेट हारने के बाद उन्होंने लगातार दो सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
5. टेकबॉल को भारत में नई पहचान दिलाने वाली खिलाड़ियों में शामिल
एशियन गेम्स 2026 में उनके प्रदर्शन ने भारत में टेकबॉल को व्यापक चर्चा में ला दिया है। Indian Express के अनुसार, क्विंसी उन खिलाड़ियों में हैं जिन्होंने भारत में इस खेल को शुरुआती स्तर से आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
क्विंसी डिसूजा का Ronaldinho कनेक्शन क्या है?
क्विंसी का टेकबॉल तक पहुंचने का सफर भी काफी दिलचस्प है। वह पहले 1500 मीटर और 3000 मीटर रनिंग से जुड़ी थीं और बाद में फुटबॉल खेला। इसके बाद उन्होंने Instagram पर फुटबॉल स्टार Ronaldinho को Teqball खेलते हुए देखा। यहीं से इस खेल में उनकी दिलचस्पी बढ़ी और 2022 में उन्होंने टेकबॉल को अपनाया। यह सफर इसलिए खास है क्योंकि कुछ साल पहले तक वह टेकबॉल नहीं खेल रही थीं, लेकिन अब एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक की दावेदार बन चुकी हैं।
टेकबॉल क्या है?
Teqball यानी टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस के तत्वों वाला खेल है। इसमें खिलाड़ी घुमावदार टेबल पर गेंद को शरीर के अलग-अलग हिस्सों से नियंत्रित करते हैं। खेल में हाथ और बांहों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। टेकबॉल की शुरुआत हंगरी में हुई थी और अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जाता है। Asian Games 2026 में टेकबॉल को पहली बार एशियन गेम्स के कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इसके महिला सिंगल्स, पुरुष सिंगल्स, महिला डबल्स, पुरुष डबल्स और मिक्स्ड डबल्स जैसे इवेंट हैं।
क्या क्विंसी डिसूजा भारत की नई Teqball Star बन सकती हैं?
एशियन गेम्स 2026 में क्विंसी डिसूजा का प्रदर्शन उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है। जापान की Yuina Sakamoto पर जीत, ग्रुप ए में टॉप स्थान और सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद अब उनकी नजर Asian Games 2026 Bronze Medal पर है। टेकबॉल के एशियन गेम्स डेब्यू में भारत के लिए पदक जीतना इस खेल के देश में विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। क्विंसी की कहानी यह भी दिखाती है कि भारत में टेकबॉल जैसे उभरते खेलों में खिलाड़ी किस तरह अलग-अलग खेलों के अनुभव से नई पहचान बना रहे हैं।
निष्कर्ष
Quimcy Dsouza Asian Games 2026 campaign ने टेकबॉल में भारत की मौजूदगी को नई चर्चा दी है। क्विंसी ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया, वर्ल्ड नंबर-7 Yuina Sakamoto को हराया और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि Ima Sumaya के खिलाफ सेमीफाइनल में 1-2 की हार से उनका गोल्ड मेडल का सपना टूट गया, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद अभी बाकी है। अब सभी की नजर क्विंसी डिसूजा के महिला सिंगल्स ब्रॉन्ज मेडल मैच पर है।