IMC 2026 में भारत की 5G क्रांति की बड़ी तस्वीर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश में अब 5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत में मोबाइल डेटा की कीमत में भी भारी गिरावट आई है। 1GB डेटा की कीमत जो 2014 में करीब ₹268 थी, वह अब लगभग ₹8 बताई गई है। नई दिल्ली के यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित India Mobile Congress 2026 में 5G नेटवर्क, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, Digital India, AI और 6G Technology को लेकर भारत की मौजूदा उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई।
भारत में 5G नेटवर्क का बड़ा विस्तार
भारत में 5G सर्विस की शुरुआत 2022 में हुई थी और इसके बाद देशभर में हाई-स्पीड मोबाइल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ। PM मोदी के मुताबिक, अब देश में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन सक्रिय हैं। 5G बेस स्टेशनों की यह संख्या भारत में बढ़ते 5G Infrastructure और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाती है। इससे मोबाइल इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक तेज पहुंच को बढ़ावा मिला है।
1GB मोबाइल डेटा ₹268 से घटकर करीब ₹8
भारत की डिजिटल क्रांति में सस्ते मोबाइल डेटा की भूमिका भी अहम रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, 2014 में 1GB मोबाइल डेटा की कीमत करीब ₹268 थी। अब यही डेटा लगभग ₹8 में उपलब्ध होने की बात कही गई है। मोबाइल डेटा की कीमत में आई इस बड़ी गिरावट ने इंटरनेट की पहुंच को व्यापक बनाया है। सस्ता डेटा और 5G नेटवर्क मिलने से डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सेवाएं, वीडियो स्ट्रीमिंग और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ा है।
5G के बाद 6G की तैयारी में जुटा भारत
भारत अब केवल 5G Network Expansion पर फोकस नहीं कर रहा है। देश अगली पीढ़ी की 6G Technology के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक, India 6G Alliance में 90 संगठन शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारतीय संस्थानों और वैश्विक संगठनों के साथ मिलकर 6G टेक्नोलॉजी के विकास और रिसर्च को गति देना है। रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रयासों से जुड़े संगठनों ने अब तक 7,700 पेटेंट हासिल किए हैं, जिनमें करीब 4,400 इंटरनेशनल पेटेंट शामिल हैं।
PM मोदी: मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं
PM मोदी ने भारत में मोबाइल कनेक्टिविटी की बदलती भूमिका पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, मोबाइल फोन अब केवल कॉल या मैसेज के लिए इस्तेमाल होने वाला डिवाइस नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं की पहुंच का बड़ा माध्यम बन चुका है। मोबाइल के जरिए Direct Benefit Transfer (DBT), सरकारी योजनाएं, डिजिटल डॉक्यूमेंट और ऑनलाइन सेवाएं लोगों तक आसानी से पहुंच रही हैं। इससे कई सरकारी सेवाओं के लिए लोगों की दफ्तरों और लंबी कतारों पर निर्भरता कम हुई है।
Digital India से डिजिटल डिवाइड कम करने की कोशिश
भारत के डिजिटल बदलाव में Digital India अभियान की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मोबाइल कनेक्टिविटी, सस्ता इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के जरिए ज्यादा नागरिकों को डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया गया है। 5G नेटवर्क का विस्तार इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत कर रहा है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में तेज मोबाइल इंटरनेट की पहुंच बढ़ने से डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।
IMC 2026 की थीम क्या है?
India Mobile Congress 2026 की थीम 'Expanding Beyond Boundaries' यानी 'सीमाओं से परे विस्तार' है। यह थीम भारत के टेलीकॉम सेक्टर के 5G से आगे बढ़कर 6G, AI और Next-Generation Connectivity की ओर बढ़ने को दर्शाती है। IMC 2026 में मौजूदा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भविष्य की डिजिटल टेक्नोलॉजी का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। AI से Sovereign Cloud तक नई टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन IMC 2026 में AI Network, 6G, Digital Platforms, Cell Broadcast, Sovereign Cloud, Terahertz Communication और Integrated Sensing जैसी टेक्नोलॉजी प्रदर्शित की जा रही हैं। इससे साफ है कि भारत का टेलीकॉम सेक्टर अब सिर्फ मोबाइल इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने तक सीमित नहीं है। AI, 6G और Next-Generation Connectivity आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण हिस्से बन सकते हैं।
5G से 6G तक भारत की अगली डिजिटल छलांग
5.5 लाख से ज्यादा 5G बेस स्टेशन, सस्ता मोबाइल डेटा और India 6G Alliance का विस्तार भारत के तेजी से बदलते टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर पेश करते हैं। IMC 2026 में सामने आए संकेत बताते हैं कि भारत अब 5G नेटवर्क के विस्तार से आगे बढ़कर 6G, AI, Sovereign Cloud और एडवांस्ड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रहा है। आने वाले वर्षों में यही टेक्नोलॉजी भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम सेक्टर की अगली बड़ी छलांग का आधार बन सकती हैं।