सड़क नहीं तो वोट नहीं: गांव का चुनाव का बहिष्कार
कटिहार के बाबूपुर गाँव के ग्रामीणों ने जर्जर सड़कों से तंग आकर चुनाव का बहिष्कार किया

सड़क नहीं... तो वोट नहीं

सड़क नहीं... तो वोट नहीं
बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कटिहार जिले के मनिहारी विधानसभा क्षेत्र के बाबूपुर गाँव के वार्ड नंबर 2 के ग्रामीणों ने एक अनोखा और स्पष्ट संदेश दिया है: "सड़क नहीं तो वोट नहीं।" उन्होंने अपने गाँव में सड़क बनने तक वोट न देने का दृढ़ निश्चय किया है।
दक्षिण कंटाकोश पंचायत के इन ग्रामीणों ने इस बार चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि विधायक और सरकारें भले ही बदल जाएँ, लेकिन उनके गाँव की सड़क सालों से जर्जर बनी हुई है।
चार महीने से कीचड़ और कीचड़ से परेशान:
ग्रामीणों की शिकायत है कि बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह कीचड़ और कीचड़ में बदल जाती है। लगभग चार महीने से जलभराव के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
अब एकजुट होकर ग्रामीणों ने किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने का फैसला किया है।
ज़िला मजिस्ट्रेट से अपील:
बाबूपुर के ग्रामीणों ने अब कटिहार के ज़िला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार मीणा से इस मामले की तुरंत जाँच कर इसका स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। ग्रामीणों का एक ही स्वर है: "अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो पूरा गाँव इस चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेगा।"
नेताओं की साफ़ चेतावनी है: जब तक सड़क बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक किसी को भी उनका कीमती वोट नहीं मिलेगा।
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