भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार
सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 25,000 के नीचे

शेयर बाजार क्रैश

शेयर बाजार क्रैश
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (21 जनवरी 2026) को भी भारी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में कारोबार के दौरान तगड़ी बिकवाली देखी गई, जिसमें सेंसेक्स एक समय 1,000 अंक से ज्यादा टूटकर 81,124 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,919 तक फिसल गया। हालांकि, बाद में कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स थोड़े संभले, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में भगदड़ मची रही। यह गिरावट लगातार तीसरे कारोबारी दिन की है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
सेंसेक्स-निफ्टी की स्थिति
निवेशकों को झटका तीन दिनों की लगातार गिरावट से बाजार कैप में बड़ी कमी आई। मंगलवार को बाजार कैप 455.72 लाख करोड़ पर पहुंचा था, जबकि बुधवार को और गिरावट के साथ निवेशकों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान अनुमानित है। कुछ रिपोर्ट्स में तीन दिनों में कुल नुकसान 15-18 लाख करोड़ तक बताया जा रहा है। FII की लगातार बिकवाली और ग्लोबल अनिश्चितता इसका मुख्य कारण है।
सबसे ज्यादा टूटे शेयर
कई स्टॉक्स 52-वीक लो पर पहुंचे, जिसमें ITC, Trent, Suzlon जैसे नाम शामिल हैं।
गिरावट के मुख्य कारण जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की मांग की और 8 यूरोपीय देशों (खासकर डेनमार्क से जुड़े) पर 10-25% टैरिफ की धमकी दी, जिससे ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ गई। यूरोप जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है, जिससे ग्लोबल ट्रेड और विकास पर असर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर भी इस क्रैश की चर्चा जोरों पर है। कई यूजर्स ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ निवेशकों ने "बार्गेन हंटिंग" की बात की है, जहां गिरावट में खरीदारी शुरू हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिकवरी रिफ्लेक्सिव हो सकती है, लेकिन अनिश्चितता बनी रहेगी।
बाजार विशेषज्ञों की सलाह: शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए डिफेंस, इंफ्रा और अफोर्डेबल हाउसिंग जैसे सेक्टर आकर्षक हो सकते हैं। यूनियन बजट (1 फरवरी) से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।