सितंबर में अचानक क्यों बढ़े डेंगू के मामले?
दिल्ली से तमिलनाडु तक चौंकाने वाले आंकड़े, QDENGA पर भी बड़ा अपडेट

AI से बनी तस्वीर

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Dengue Cases in India: सितंबर 2026 में देश के कई हिस्सों में डेंगू और दूसरी मच्छर जनित बीमारियों पर नजर बढ़ गई है। दिल्ली में 12 सितंबर तक सितंबर महीने में 121 डेंगू केस सामने आए हैं और 2026 में राजधानी का कुल आंकड़ा 432 मामलों तक पहुंच गया है। वहीं तमिलनाडु में इस साल अब तक 15,933 डेंगू मामले और 9 मौतें दर्ज होने की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने दी है। इसी बीच भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को CDSCO से मार्केटिंग मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि डेंगू के मामले क्यों बढ़ रहे हैं, बल्कि यह भी है कि सितंबर में डेंगू का खतरा क्यों बढ़ता है, डेंगू से कैसे बचें और QDENGA वैक्सीन भारत में कब उपलब्ध होगी?
दिल्ली में सितंबर में 121 डेंगू केस
दिल्ली नगर निगम यानी MCD की 12 सितंबर 2026 तक की साप्ताहिक वेक्टर-बोर्न डिजीज रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में अब तक 121 डेंगू मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में 2026 के कुल डेंगू केस बढ़कर 432 हो गए। सितंबर का 121 का आंकड़ा इस साल दिल्ली में किसी एक महीने में दर्ज सबसे ज्यादा डेंगू मामलों का आंकड़ा है। सिर्फ पिछले सप्ताह में 71 नए डेंगू केस रिपोर्ट हुए। सितंबर के मामले 2026 के कुल मामलों के एक-चौथाई से भी ज्यादा हैं। दिल्ली में इस साल अब तक वेस्ट दिल्ली में 57, सेंट्रल दिल्ली में 54 और शाहदरा नॉर्थ में 50 डेंगू मामले दर्ज हुए हैं।
डेंगू के साथ मलेरिया और चिकनगुनिया का भी आंकड़ा बढ़ा
दिल्ली में डेंगू के साथ मलेरिया के मामलों में भी सितंबर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2026 में अब तक 183 मलेरिया केस सामने आए हैं, जिनमें 64 मामले सितंबर में दर्ज हुए। यह इस साल किसी एक महीने का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। 2026 में अब तक दिल्ली में मलेरिया से किसी मौत की रिपोर्ट नहीं हुई है। वहीं चिकनगुनिया के 24 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि सितंबर में अब तक इसके दो केस सामने आए हैं।
दिल्ली में पिछले वर्षों की तुलना में कितने डेंगू केस?
MCD के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार संबंधित अवधि में दिल्ली में डेंगू मामलों की संख्या इस प्रकार रही:
वर्ष डेंगू के मामले 2026 432 2025 619 2024 709 2023 2,097 2022 295यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 2026 का कुल आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों के संबंधित आंकड़ों से कम है, लेकिन सितंबर में मामलों की मासिक रफ्तार इस साल की सबसे ज्यादा है। इसलिए मौजूदा बढ़ोतरी को अलग से देखना जरूरी है।
तमिलनाडु में 15,933 डेंगू केस और 9 मौतें
तमिलनाडु में भी डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज के अनुसार, 2026 में अब तक तमिलनाडु में 15,933 पॉजिटिव डेंगू केस और 9 मौतें दर्ज हुई हैं।
राज्य में मच्छर नियंत्रण के लिए 25,645 एंटी-मॉस्किटो वर्कर्स रोजाना तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी बीमारियों की निगरानी के लिए विशेष बुखार शिविर भी लगाए हैं। 28 अगस्त से सोमवार तक तमिलनाडु में 11,322 विशेष फीवर कैंप आयोजित किए गए, जिनसे 4.34 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिला।
सितंबर में डेंगू के मामले क्यों बढ़ते हैं?
डेंगू डेंगू वायरस से संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है। बारिश और उसके बाद घरों, छतों तथा आसपास के इलाकों में पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल जगह बन सकती है।
WHO के अनुसार, बारिश के मौसम और उसके बाद डेंगू का ट्रांसमिशन बढ़ सकता है। तापमान, नमी, बारिश और मच्छरों की संख्या जैसे कई कारक इसके प्रसार को प्रभावित करते हैं। इसलिए सितंबर में डेंगू के बढ़ते मामलों के पीछे सिर्फ बारिश को एकमात्र कारण मानना सही नहीं होगा। जमा पानी, मच्छरों के प्रजनन स्थल, मौसम और स्थानीय संक्रमण की स्थिति मिलकर जोखिम को प्रभावित करते हैं।
डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन में भी काटता है
डेंगू फैलाने वाला Aedes aegypti मच्छर दिन के समय सक्रिय रहता है। WHO के अनुसार, खासकर सुबह और शाम से पहले इसके काटने का जोखिम रहता है। इसलिए मच्छरों से बचाव सिर्फ रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी जरूरी है। घर के आसपास रखे पुराने टायर, गमले, बाल्टी, खुले कंटेनर, कूलर और पानी जमा करने वाली अन्य चीजों की नियमित सफाई करना जरूरी है।
भारत में QDENGA को मिली पहली डेंगू वैक्सीन की मंजूरी
डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच भारत में वैक्सीन को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, CDSCO ने 21 जुलाई 2026 को Qdenga को भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए मार्केटिंग ऑथराइजेशन दिया। यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूर की गई पहली वैक्सीन है। QDENGA को 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूरी मिली है। सरकारी जानकारी के मुताबिक यह Takeda द्वारा विकसित live attenuated tetravalent dengue vaccine है और इसके दो डोज 3 महीने के अंतराल पर दिए जाने हैं।
QDENGA वैक्सीन कब मिलेगी?
यह समझना जरूरी है कि वैक्सीन को मंजूरी मिलना और बाजार में उसकी व्यापक उपलब्धता एक ही बात नहीं है। भारत में QDENGA के इस्तेमाल, सप्लाई और उपलब्धता से जुड़ी प्रक्रिया अलग चरणों से गुजरती है। इसलिए आम लोगों को अपने स्तर पर वैक्सीन लेने का फैसला करने के बजाय डॉक्टर या संबंधित स्वास्थ्य प्राधिकरण से जानकारी लेनी चाहिए। WHO की वर्तमान जानकारी के अनुसार QDENGA की सिफारिश उम्र और संक्रमण की स्थिति के आधार पर अलग-अलग परिस्थितियों में की जाती है। भारत में CDSCO की मंजूरी का आयु-समूह 4–60 वर्ष है, लेकिन किस व्यक्ति को वैक्सीन लगवानी चाहिए, यह चिकित्सकीय सलाह और स्थानीय दिशानिर्देशों के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
डेंगू से बचने के लिए क्या करें?
डेंगू से बचाव में मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करना और मच्छरों के काटने से बचना सबसे अहम है। WHO के अनुसार:
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और त्वचा पर रैश जैसे लक्षण हो सकते हैं। लक्षण आमतौर पर संक्रमण के कुछ दिनों बाद दिखाई दे सकते हैं। सिर्फ लक्षणों के आधार पर डेंगू की पुष्टि नहीं की जा सकती। बुखार या डेंगू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डेंगू में किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
बुखार कम होने के बाद भी कुछ मरीजों में गंभीर डेंगू के संकेत दिखाई दे सकते हैं। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी या मल में खून, तेज सांस और अत्यधिक कमजोरी/बेचैनी जैसे संकेत दिखें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। WHO और CDC के अनुसार डेंगू के लिए कोई specific antiviral treatment नहीं है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार आराम और पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है। CDC यह भी कहता है कि डेंगू की आशंका में aspirin और ibuprofen जैसी NSAIDs से बचना चाहिए, क्योंकि bleeding का जोखिम बढ़ सकता है।
Dengue Cases 2026: पूरी तस्वीर क्या कहती है?
सितंबर 2026 में दिल्ली में डेंगू के मामलों की मासिक रफ्तार बढ़ी है। 12 सितंबर तक 121 नए मामले सामने आने के साथ दिल्ली का 2026 का कुल आंकड़ा 432 पहुंचा। तमिलनाडु में इस साल अब तक 15,933 मामले और 9 मौतें दर्ज होने की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने दी है। दूसरी ओर, भारत में QDENGA को देश की पहली डेंगू वैक्सीन के तौर पर मार्केटिंग मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरों से बचना और बुखार या warning signs दिखने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्वास्थ्य और आधिकारिक/विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित सामान्य जानकारी है। यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं है। डेंगू के लक्षण या गंभीर warning signs होने पर योग्य डॉक्टर से जांच और उपचार लें।
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