यूपी कैबिनेट ने आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया
योगी सरकार ने निष्पक्ष प्रक्रिया और बेहतर वेतन के लिए आउटसोर्स सेवा निगम को मंजूरी दी
यूपी आउटसोर्स सेवा निगम गठन
यूपी आउटसोर्स सेवा निगम गठन
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड का गठन शामिल है। यह निगम सेक्शन-8 के तहत नॉन-प्रॉफिट पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में काम करेगा। अब आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन सीधे विभाग नहीं बल्कि जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाएगा।
नए नियमों के अनुसार, आउटसोर्स कर्मचारी तीन साल के लिए नियुक्त होंगे और उन्हें 16 से 20 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलेगा। वेतन, ईपीएफ और ईएसआई का योगदान सीधे कर्मचारियों के खातों में जाएगा। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार भी होंगे। संवैधानिक आरक्षण के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिक और महिलाओं को अधिकार मिलेगा।
इसके अलावा, कैबिनेट ने लखनऊ और कानपुर नगर में ई-बस संचालन को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (एनसीसी) मॉडल पर मंजूरी दी। योजना में 9 मीटर लंबी एसी ई-बसें 10-10 रूटों पर चलेंगी और निजी ऑपरेटर संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 को भी मंजूरी दी, जिसमें डिजिटल तकनीकी, अवसंरचना, वित्तीय सहायता, निर्यात ऋण, बीमा, प्रशिक्षण और बाजार विस्तार पर बल दिया गया है। नीति का लक्ष्य 2030 तक पंजीकृत निर्यातकों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि करना और सभी जनपदों को निर्यात गतिविधियों से जोड़ना है।
इसके साथ ही, शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय ट्रस्ट के तहत संचालित पांच संस्थानों का संचालन करेगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को मजबूत बनाएगा।