राहुल गांधी और रवनीत सिंह ने एक दूसरे पर तंज कसा
संसद के द्वार पर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की तीखी भिड़ंत

'गद्दार दोस्त' पर पलटवार में 'देश का दुश्मन', वीडियो वायरल

'गद्दार दोस्त' पर पलटवार में 'देश का दुश्मन', वीडियो वायरल
लोकसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को संसद परिसर में एक नाटकीय टकराव देखने को मिला, जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हुआ। संसद के मकर द्वार पर कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू को "माय ट्रेटर फ्रेंड" (मेरा गद्दार दोस्त) कहकर तंज कसा, जिस पर बिट्टू ने तुरंत पलटवार करते हुए राहुल को "देश का दुश्मन" करार दिया। इस जुबानी जंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों नेताओं के बीच हाथ मिलाने की कोशिश और तीखी नोंकझोंक साफ नजर आ रही है। यह घटना संसद के अंदर चल रही बहस से बाहर निकलकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गई है, जहां विपक्ष ने बिट्टू को 'पलटू नेता' कहा है, जबकि भाजपा ने राहुल के बयान को 'अनुचित' बताते हुए उनका बचाव किया है।
घटना का पूरा ब्योरा: प्रदर्शन के बीच हुई जुबानी जंगसंसद के बजट सत्र के पांचवें दिन मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे कांग्रेस सांसदों ने मकर द्वार (गेट नंबर 12) पर हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुद्दा था पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में भारत-चीन सीमा विवाद पर किए गए खुलासों पर सरकार की चुप्पी। राहुल गांधी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस सांसदों की तारीफ करते हुए कहा, "आप लोग देश की आवाज उठा रहे हैं।" इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। राहुल ने बिट्टू को देखते ही तंज कसते हुए कहा, "हैलो, माय ट्रेटर फ्रेंड!" और हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया। लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और तुरंत जवाब दिया, "मुझे देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।"
वीडियो में साफ दिख रहा है कि राहुल गांधी मुस्कुराते हुए बिट्टू की तरफ बढ़ते हैं, लेकिन बिट्टू गंभीर चेहरे के साथ आगे बढ़ जाते हैं। इस दौरान आसपास के कांग्रेस सांसदों ने तालियां बजाईं, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के खिलाफ नारेबाजी की। वीडियो की लंबाई करीब 45 सेकंड है और इसे कई न्यूज चैनलों ने लाइव प्रसारित किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह वीडियो 2 मिलियन से ज्यादा व्यूज पार कर चुका है, जहां यूजर्स ने इसे 'राजनीतिक ड्रामा' और 'पुरानी दोस्ती का अंत' करार दिया है।
यह घटना संसद के अंदर राहुल गांधी के भाषण के बाद हुई, जहां उन्होंने नरवाने की किताब से उद्धरण देकर सरकार पर हमला किया था। लेकिन बाहर का यह टकराव ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि बिट्टू और राहुल कभी करीबी माने जाते थे।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू? राजनीतिक सफर और परिवार का इतिहासरवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं, जो कभी कांग्रेस के वफादार थे लेकिन अब भाजपा में हैं। उनका जन्म 1975 में हुआ और वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। बेअंत सिंह की 1995 में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी, जब बिट्टू महज 20 साल के थे। 11 साल की उम्र में बिट्टू ने अपने पिता को खो दिया था। 2007 में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस में शामिल हुए।
बिट्टू का परिवार पंजाब की राजनीति में गहराई से जुड़ा है। उनके दादा बेअंत सिंह पंजाब के सीएम थे और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए। बिट्टू खुद को सिख समुदाय का रक्षक मानते हैं और कांग्रेस छोड़ने का कारण "पंजाब के हितों की रक्षा" बताते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: कांग्रेस ने कहा 'पलटू राम', भाजपा ने राहुल को घेराइस घटना पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा, "बिट्टू जी, जो कभी हमारे साथ थे, अब 'गद्दार' कहलाने से डरते हैं। राहुल जी ने सच्चाई कही है।" पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बिट्टू को 'पलटू राम' कहा और बोले, "जो कांग्रेस से मंत्री बने, अब भाजपा में मंत्री हैं। गद्दारी की परिभाषा यही है।"
वहीं, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल के बयान को 'अनुचित' बताया और कहा, "राहुल गांधी संसद की गरिमा भूल गए हैं। बिट्टू जी पंजाब के हितों के लिए भाजपा में आए हैं, उन्हें गद्दार कहना विपक्ष की हताशा है।" केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल को "देशद्रोही" करार दिया और कहा कि "वे सेना और सीमा पर झूठ बोलकर देश को बदनाम करते हैं।" सोशल मीडिया पर #RahulVsBittu ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स ने मीम्स और वीडियो शेयर किए हैं।
पृष्ठभूमि में नरवाने की किताब और संसद का हंगामायह टकराव संसद के अंदर राहुल गांधी के भाषण से जुड़ा है, जहां उन्होंने जनरल नरवाने की किताब से उद्धरण देकर सरकार पर सीमा विवाद में लापरवाही का आरोप लगाया था। सदन में हंगामा हुआ और स्पीकर ने 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया। बाहर का यह टकराव उसी बहस का विस्तार माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना 2026 के लोकसभा चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति को प्रभावित कर सकती है, जहां सिख समुदाय का मुद्दा महत्वपूर्ण है।
यह घटना भारतीय राजनीति में व्यक्तिगत टकरावों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। क्या यह विवाद और बढ़ेगा या शांत होगा, यह देखना बाकी है। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें।
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