पाक परमाणु धमकी: भारत का कड़ा जवाब
भारत सरकार और सैन्य विशेषज्ञों ने इस बयान को न केवल गैर-जिम्मेदाराना, बल्कि...
पाक परमाणु धमकी: भारत का कड़ा जवाब
पाक परमाणु धमकी: भारत का कड़ा जवाब
पाकिस्तान का परमाणु धमकी: क्या कहा गया? पिछले हफ्ते, ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि अगर भारत ने कश्मीर या किसी अन्य मुद्दे पर सैन्य कार्रवाई की, तो पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि उनका देश "पूर्ण परमाणु शक्ति" से लैस है और किसी भी आक्रमण का जवाब देने में सक्षम है। यह बयान तब आया जब भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए थे। आसिफ का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। वीडियो देखें: पाकिस्तान के इस बयान को कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने "बेकार की धमकी" करार दिया, क्योंकि यह क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। भारत का रुख: कड़ा और आत्मविश्वास भरा भारत सरकार ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणदीप जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पाकिस्तान की ओर से बार-बार परमाणु हथियारों का उल्लेख करना उनकी कमजोरी और निराशा को दर्शाता है। भारत अपनी रक्षा और क्षेत्रीय शांति के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है। हम किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार हैं।" यह भी पढ़ें: पाक को 2 अरब डॉलर के हथियार: ट्रंप पर भारत का जवाब जायसवाल ने यह भी जोड़ा कि भारत आतंकवाद और उकसावे के खिलाफ अपनी नीति पर अडिग रहेगा।रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कहा, "हमारी सेना की ताकत और रणनीति दुनिया के सामने है। पाकिस्तान को अपनी सीमाओं में शांति बनाए रखनी चाहिए, वरना परिणाम भुगतने होंगे।" इस बयान ने भारत की मजबूत स्थिति को रेखांकित किया।सैन्य विशेषज्ञों की रायसैन्य विश्लेषक लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा, "पाकिस्तान का यह बयान उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन भारत के पास परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह की सैन्य ताकत है। हमारी न्यूनतम परमाणु नीति (No First Use) स्पष्ट है, लेकिन जवाबी कार्रवाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सतर्क करना चाहिए। ऐतिहासिक संदर्भ: भारत-पाक तनाव भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव कोई नई बात नहीं है। 1998 में दोनों देशों ने परमाणु परीक्षण किए थे, जिसके बाद से यह मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत ने बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भी हवाई कार्रवाई की थी। उस समय भी परमाणु हथियारों का जिक्र हुआ था, लेकिन दोनों देशों ने युद्ध से बचते हुए बातचीत की मेज पर आने का फैसला किया था। हालांकि, इस बार का बयान कश्मीर मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां भारत ने हाल ही में नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह के बयानों से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।Statement by Official Spokesperson⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 11, 2025
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