महाराष्ट्र सरकार ने मराठा कोटा मंजूर किया
मराठा आंदोलन खत्म, सरकार ने कुनबी दर्जा व केस वापसी पर सहमति दी
मराठा आरक्षण की मांग
मराठा आरक्षण की मांग
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे-पाटिल की प्रमुख मांगों को मान लिया है। इससे मुंबई के आज़ाद मैदान में जारी आंदोलन खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार ने हैदराबाद और सतारा गजट लागू करने पर सहमति दी है, जिनमें मराठों को कुनबी माना गया है। इसके अलावा "सेज सोयरे" अधिसूचना को भी लागू किया जाएगा, जिससे रक्त और वैवाहिक संबंधियों को भी आरक्षण लाभ मिलेगा। हैदराबाद गजट तुरंत लागू किया जाएगा, जबकि सतारा और पुणे-औंध गजट एक माह में लागू होगा।
सरकार ने 2023 और 2024 के मराठा आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी केस वापस लेने पर भी सहमति दी है। साथ ही, आंदोलन में जान गंवाने वाले युवाओं के परिवारों को मुआवज़ा और राज्य परिवहन व महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में नौकरी दी जाएगी।
सरकार द्वारा कुनबी दर्जे के लिए 58 लाख से अधिक रिकार्ड मिलने के बाद, तालुका-स्तर की समितियाँ बनाई जाएंगी ताकि प्रमाणपत्र जारी करने और वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज़ हो सके।
इन आश्वासनों के बाद जरांगे-पाटिल ने कहा कि जैसे ही सरकार आधिकारिक जीआर (सरकारी आदेश) जारी करेगी, आज़ाद मैदान खाली कर दिया जाएगा और आंदोलन समाप्त हो जाएगा।
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