जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) पर आवाजाही को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। वर्तमान में एनएच-44 को हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के लिए बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआईए) की मंजूरी के बाद ही हाईवे को यातायात के लिए खोला जाएगा। इस बंदी के कारण यात्रियों और वाहनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वैकल्पिक मार्ग और प्रशासन की व्यवस्थास्थानीय यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने चौथे तवी ब्रिज को एकतरफा (वन-वे) मार्ग के रूप में खोला है, जो मेजर सोमनाथ चौक से कैनाल हेड की ओर जाता है। हालांकि, मंडा से टीसीपी नागरोता तक का हिस्सा अभी भी बंद है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने रियल-टाइम जानकारी प्राप्त करने हेतु संपर्क नंबर जारी किए हैं:
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की पुष्टि करें और केवल अधिकृत रास्तों का उपयोग करें।
बाढ़ से जनजीवन प्रभावितजम्मू में बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। तवी पुल को बाढ़ से भारी क्षति पहुंची है, और बिक्रम चौक क्षेत्र में दुकानों, स्टोरों और गोदामों सहित निजी संपत्तियों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री का दौरासोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने तवी पुल और बिक्रम चौक का जायजा लिया, जहां बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरे में उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा नेता मौजूद थे।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने जम्मू में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने लिखा, "जल आपूर्ति और स्वास्थ्य विभागों को बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य सेवा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में पूरी ताकत लगाने का निर्देश दिया गया है। मोदी सरकार त्वरित राहत, वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना जारी रखेगी।"
यात्रियों के लिए सलाहप्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखें और सुरक्षित यात्रा के लिए आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। बाढ़ और भूस्खलन के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही है।