Cough Syrup: जांच रिपोर्ट में खुलासा
छिंदवाड़ा में सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया

सिरप' से हुई मासूमों की मौत

सिरप' से हुई मासूमों की मौत
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के सेवन से 11 मासूम बच्चों की मौत के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। संदिग्ध दूषित सिरपों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीले रसायन की मौजूदगी की आशंका के बीच तमिलनाडु सरकार ने 'कोल्ड्रिफ' सिरप पर तत्काल बैन लगा दिया है, राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे प्रांत में कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं न देने की सख्त सलाह जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला 2023 के गंभीर कफ सिरप घोटाले की याद दिला रहा है, जब कई देशों में बच्चों की मौत हुई थी।
मौतों का सिलसिला: MP और राजस्थान में क्या हुआ?मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 7 सितंबर से अब तक 9 बच्चों (उम्र 1 से 7 साल) की मौत हो चुकी है। सभी बच्चों को एक्यूट किडनी फेलियर हुआ, और जांच में पाया गया कि वे 'कोल्ड्रिफ' (फिनाइलेफ्रिन HCl, क्लोरफेनिरामाइन मेलेट सिरप) नामक कफ सिरप पी रहे थे। बैच नंबर SR-13 (मैन्युफैक्चरिंग डेट मई 2025, एक्सपायरी अप्रैल 2027) का सिरप तमिलनाडु की Sresan Pharmaceuticals द्वारा निर्मित है। राजस्थान के सीकर और भरतपुर में 2 और मौतें हुईं, जहां सरकारी फ्री मेडिसिन स्कीम के तहत सिरप दिया गया था। कुल 11 मौतों के बाद केंद्र ने मल्टी-एजेंसी जांच शुरू की है।
तमिलनाडु में तत्काल बैन: उत्पादन बंद, स्टॉक सीलतमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DDCA) ने 1 अक्टूबर से 'कोल्ड्रिफ' की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचत्रम स्थित फैक्ट्री का स्टॉक फ्रीज कर दिया गया, और उत्पादन रोक दिया गया। लैब टेस्ट में DEG की मौजूदगी पुष्टि हुई, जिसके बाद शो-कॉज नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। कंपनी राजस्थान, MP, पुडुचेरी और ओडिशा को सप्लाई करती थी। पड़ोसी राज्यों को भी अलर्ट भेजा गया है। एक अधिकारी ने बताया, "यह सिरप तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में नहीं बांटा गया, लेकिन बाजार से तुरंत हटाने का आदेश है।" समान रूप से, Kaysons Pharma के 19 उत्पादों (जिनमें एक कफ सिरप शामिल) पर भी राजस्थान में रोक लगी है।
राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर सस्पेंड: कंपनी के दवाओं पर रोकराजस्थान सरकार ने कफ सिरप विवाद में तेज कार्रवाई की। ड्रग कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया गया, और Kaysons Pharma की सभी 19 दवाओं (जिनमें कफ सिरप शामिल) की वितरण पर रोक लगा दी गई। एक बच्चे की मौत के मामले में डॉक्टर और फार्मासिस्ट के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हुई। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "जांच कमिटी गठित की गई है, और सैंपल लैब में भेजे गए हैं। डेक्सट्रोमेथॉर्फन (DXM) वाली दवाओं पर सख्त लेबलिंग के निर्देश दिए गए।" राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) ने सप्लाई रोक दी है। एक डॉक्टर ने विवाद साबित करने के लिए सिरप पी लिया, जिससे वह अस्पताल में भर्ती हो गया।
MP सरकार का बड़ा फैसला: पूरे प्रांत में कफ सिरप पर बैनमध्य प्रदेश सरकार ने पूरे प्रांत में 'नेक्सट्रो-डीएस' और 'कोल्ड्रिफ' सहित संदिग्ध कफ सिरपों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। छिंदवाड़ा और भोपाल में तुरंत प्रभाव से रोक लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "बच्चों की मौत बेहद दुखद है, जांच में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सैंपल कलेक्ट कर टेस्टिंग शुरू की है। कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि ने सवाल उठाए कि 20 दिनों में 7 मौतें क्यों हुईं, और फार्मा कंपनी पर सख्ती क्यों नहीं हुई। अन्य जिलों में भी सप्लाई की आशंका पर अलर्ट जारी।
केंद्र की एडवाइजरी: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देंकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की कोई दवा न दें, और 5 साल से कम को केवल डॉक्टर की सलाह पर। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने चेतावनी दी कि दूषित सिरप से किडनी फेलियर का खतरा है। यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री ने सैंपल टेस्ट में DEG न मिलने का दावा किया, लेकिन तमिलनाडु के टेस्ट ने इसे चुनौती दी। मल्टी-एजेंसी प्रोब शुरू, जिसमें CDSCO और ICMR शामिल।
यह मामला दवा सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। अभिभावक सतर्क रहें—डॉक्टर की सलाह बिना कफ सिरप न दें। ताजा अपडेट्स के लिए बने रहें!