आगरा में प्रतिमा विसर्जन कर रहे 16 लड़के डूबे
3 शव बरामद, 9 लापता; एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें जुटीं

आगरा में प्रतिमा विसर्जन कर रहे 16 लड़के डूबे

आगरा में प्रतिमा विसर्जन कर रहे 16 लड़के डूबे
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में विजयादशमी के पावन पर्व पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग हादसों ने खुशी को शोक में बदल दिया। खेरागढ़ क्षेत्र की उंटगन नदी में 11-13 युवकों के डूबने की घटना में 3 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि एक युवक को जिंदा बचा लिया गया है। कम से कम 9 युवक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। दूसरी घटना ताजगंज क्षेत्र के करभना गांव में हुई, जहां 5 युवकों में से 3 किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन 2 का अभी पता नहीं चला है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। गुरुवार की दोपहर हुई इन घटनाओं से इलाके में सन्नाटा पसर गया है।
खेरागढ़ में पहली घटना: महिलाएं किनारे रुकीं, युवक नदी में उतरे तो बहाव ने लील लियाखेरागढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरवाला स्थित उंटगन नदी में दोपहर करीब ढाई बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। कुसियापुर गांव के ग्रामीण चामुंडा माता मंदिर की दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी किनारे पहुंचे थे। महिलाएं और बच्चे नदी किनारे रुक गए, लेकिन 7-8 युवक प्रतिमा को लेकर गहरे पानी में उतर गए। अचानक नदी के तेज बहाव में वे फिसल गए और डूबने लगे। कुछ युवक प्रतिमा छोड़कर बाहर आ गए, लेकिन बाकी बहाव में बहते चले गए।
मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। थाना प्रभारी मदन सिंह ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर वर्दी उतारकर नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने एक युवक भोला को बाहर निकाला, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। एसएसआई बिजेंद्र सिंह ने भी पानी में उतरकर मदद की। रेस्क्यू में देरी के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दो जगह सड़क जाम कर दी। लोकल गोताखोरों को सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बुलाई गईं।
लापता युवकों में सचिन महावीर (15) पुत्र रामवीर सिंह, ओके (18) पुत्र किशन सिंह, भगवती (20) पुत्र मुरारीलाल, हरेश (20) पुत्र यादव, गगन (17) पुत्र यादव (हरेश का भाई), ओमपाल (19) और विष्णु शामिल हैं। इनमें से दो की लाशें बरामद हो चुकी हैं, जबकि 4-5 अभी भी लापता हैं। सभी कुसियापुर गांव के निवासी हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जिस प्रतिमा का विसर्जन करने गए, उसके सामने रोते रहे परिजनहादसे के बाद युवकों के परिजन नदी किनारे मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर सलामती की प्रार्थना करते नजर आए। प्रतिमा नदी के बीच में ही छूट गई थी। महिलाएं-बच्चियां प्रतिमा को पकड़कर फूट-फूटकर रो रही थीं। पुलिस ने उन्हें नदी से दूर कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने विसर्जन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे। डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया, "पुलिस ने उंटगन नदी पुल के नीचे विसर्जन स्थल बनाया था। ये लोग सबसे पहले वहां पहुंचे, लेकिन बीच नदी जाने से मना कर दिया। वे कैला देवी घाट जाने को लौटे और रास्ते में डूंगरवाला नदी किनारे विसर्जन करने लगे, जहां हादसा हो गया। 7-8 युवक लापता थे, जिनमें से एक बचा लिया गया, दो शव मिले, बाकी की तलाश जारी है।"
ताजगंज में दूसरी घटना: 5 युवक उतरे, 3 तैरकर बचे; 2 लापता, वीडियो वायरलदूसरी घटना ताजगंज थाना क्षेत्र के करभना गांव में हुई। यहां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 युवक नदी में उतरे। तेज बहाव में 3 किसी तरह तैरकर बाहर आ गए, लेकिन 2 युवकों का अभी पता नहीं चला है। इस घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें युवकों के डूबने का दृश्य कैद है। रेस्क्यू टीमें यहां भी सक्रिय हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा: रेस्क्यू में देरी पर सड़क जामग्रामीणों ने रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाते हुए राज्य मार्ग पर जाम लगा दिया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर गोताखोर और टीमें पहुंचतीं तो जानें बच सकती थीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी लापता लोगों की तलाश तेजी से की जा रही है। जिलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
ये हादसे धार्मिक उत्सवों के दौरान जल सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमी को उजागर करते हैं। पुलिस ने सभी विसर्जन स्थलों पर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, और उम्मीद है कि बाकी लापता युवक सुरक्षित मिल जाएंगे।
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