पहले ₹5 करोड़, अब ₹2 करोड़… राजपाल यादव के चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
चेक बाउंस केस में राजपाल यादव के लिए बड़ी राहत और नई शर्त, अब आगे क्या होगा?

AI से बनी तस्वीर

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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर 2026 को उन्हें ₹2 करोड़ जमा करने के लिए दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया है। कोर्ट ने यह रकम सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने और बाकी बकाया राशि के लिए ठोस भुगतान प्रस्ताव देने को कहा है। साथ ही राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है। उनकी अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
₹5 करोड़ जमा नहीं कर पाए, अब मिला ₹2 करोड़ का मौका
राजपाल यादव के चेक बाउंस केस में 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम राहत दी थी। हालांकि, इसके लिए कोर्ट ने ₹5 करोड़ सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने की शर्त रखी थी। तय समय में यह रकम जमा नहीं हो सकी। इसके बाद 15 सितंबर को मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। राजपाल यादव की कानूनी टीम ने बकाया रकम चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए कम से कम ₹2 करोड़ जमा करने का अंतिम अवसर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के पुराने आचरण पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले में पहले किए गए वादों और उनके पालन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले आचरण का हवाला देते हुए उनकी ओर से किए गए आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठाए। हालांकि, कोर्ट ने इसके बावजूद उन्हें दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया। इस दौरान उन्हें कम से कम ₹2 करोड़ जमा करने के साथ बाकी रकम के भुगतान के लिए ठोस प्रस्ताव और शेष राशि के लिए सुरक्षा देने की बात कही गई।
5 अक्टूबर तक सरेंडर से राहत, लेकिन पासपोर्ट जमा करना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को मिली सरेंडर से छूट को 5 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। यानी अगली सुनवाई तक उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम सुरक्षा मिली रहेगी। हालांकि, इस राहत के साथ कोर्ट ने उनका पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है। अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि कोर्ट की तय शर्तों का पालन किस तरह हुआ और भुगतान को लेकर क्या प्रस्ताव पेश किया जाता है।
क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस केस?
राजपाल यादव से जुड़ा यह कानूनी विवाद करीब 2010 से चला आ रहा है। मामला उनकी फिल्म अता पता लापता से जुड़े आर्थिक लेन-देन का है। रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव को करीब ₹5 करोड़ की आर्थिक मदद मिली थी। बाद में रकम की वापसी को लेकर विवाद हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, ब्याज सहित बकाया राशि बढ़कर करीब ₹11 करोड़ तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2013 में जारी किए गए कई चेक कथित तौर पर बाउंस हो गए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
दिल्ली हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
इस मामले में राजपाल यादव को अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोषी ठहराया था। बाद में मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई 2026 में उनकी दोषसिद्धि तथा तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा। इसके बाद राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर उन्हें सरेंडर से अंतरिम छूट दी थी।
अब 5 अक्टूबर पर टिकी नजरें
फिलहाल राजपाल यादव को दो हफ्ते के भीतर ₹2 करोड़ जमा करने, पासपोर्ट सरेंडर करने और बाकी बकाया के भुगतान को लेकर ठोस प्रस्ताव पेश करने का मौका मिला है। अब इस मामले में अगली अहम तारीख 5 अक्टूबर 2026 है। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में आगे की कानूनी स्थिति और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पर फैसला होगा।
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: मौजूदा स्थिति
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