Amitabh Bachchan Personality Rights Case: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़े चार साल पुराने पर्सनैलिटी राइट्स केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। अदालत ने समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 16 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। अगर तय समय तक समझौता पूरा नहीं होता और अमिताभ बच्चन मुकदमे को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा। इस आदेश के बाद बिग बी के पर्सनैलिटी राइट्स केस की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
अमिताभ बच्चन को खुद कोर्ट में क्यों होना पड़ सकता है?
दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 9 अक्टूबर 2026 को जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि अमिताभ बच्चन और कुछ प्रतिवादियों के बीच मध्यस्थता के जरिए समझौते पर सहमति बनी है। हालांकि, कुछ व्यावहारिक अड़चनों के कारण समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो सके थे। अमिताभ बच्चन के वकील ध्रुव आनंद ने समझौते की बाकी औपचारिकताएं पूरी करने और दस्तावेजों को अदालत के रिकॉर्ड पर लाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए 16 नवंबर तक का समय दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं होता या अधूरा रहता है और अमिताभ बच्चन अपने दावों पर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।
2022 में क्यों दर्ज हुआ था अमिताभ बच्चन का पर्सनैलिटी राइट्स केस?
अमिताभ बच्चन ने नवंबर 2022 में अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग और कारोबारी उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने व्यावसायिक फायदे के लिए कर रहे थे। मामले में मोबाइल ऐप के जरिए लॉटरी योजनाओं के प्रचार में अमिताभ बच्चन की पहचान और लोकप्रिय टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) से जुड़ाव के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी शामिल था। इसके अलावा, किताबों, टी-शर्ट और अन्य उत्पादों पर उनकी तस्वीर या पहचान के इस्तेमाल को लेकर भी कानूनी सुरक्षा मांगी गई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2022 में क्या आदेश दिया था?
नवंबर 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन के पक्ष में एकतरफा अंतरिम आदेश पारित किया था। इस आदेश के तहत उनकी पहचान, नाम, आवाज और तस्वीर का बिना अनुमति इस्तेमाल कर उनके व्यक्तित्व एवं प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने माना था कि किसी सेलिब्रिटी की पहचान का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल उसकी प्रतिष्ठा और हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। यह मामला मनोरंजन जगत में सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहचान के दुरुपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में शामिल है।
क्या 16 नवंबर को होगा अमिताभ बच्चन केस का फैसला?
फिलहाल अदालत ने समझौते की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया है। 16 नवंबर 2026 इस मामले की अगली निर्धारित सुनवाई की तारीख है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन अंतिम फैसला आना तय है। आगे की कार्यवाही इस बात पर निर्भर करेगी कि समझौते की औपचारिकताएं पूरी होती हैं या नहीं और अमिताभ बच्चन किन दावों पर मुकदमा जारी रखना चाहते हैं। यदि समझौता अधूरा रहता है और वह केस आगे बढ़ाते हैं, तो अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि बिग बी के पर्सनैलिटी राइट्स केस में समझौता अंतिम रूप लेता है या मामला अदालत में आगे बढ़ता है।